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उपलब्धि: सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रहे सृजन कोचिंग संस्थान ने मनाया अपना आठवां स्थापना दिवस

Written by Tukeshwar Lodhi

आरंग(08.09.22)- आरंग के प्रतियोगियों का बेहतर कोचिंग संस्थान ,सृजन कोचिंग संस्थान ने 8 सितंबर को अपना 8वां स्थापना दिवस मनाया। ज्ञात हो कि सृजन कोचिंग संस्थान के बेहतर मार्गदर्शन व रणनीति की बदौलत अब तक 45 से अधिक प्रतिभागियों का विभिन्न सरकारी विभागों में चयन हो चुका है। और यह संस्थान हमेशा से प्रतिभागियों के बेहतर भविष्य हेतु दृढ़ संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं।

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से सृजन कोचिंग संस्थान के संस्थापक राहुल जोशी (पटवारी )व छत्रधारी सोनकर (सहायक विकास विस्तार अधिकारी )ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। राहुल जोशी ने कहा कि आपका दृढ़ संकल्प, लगन और आत्मविश्वास से आपको सफलता तक पहुंचा सकता है। आरंग जैसे क्षेत्र में प्रतियोगियों को अच्छा माहौल उपलब्ध कराना हमारा ध्येय रहा है ,ताकि आप सभी को सफलता निश्चित रूप से प्राप्त हो सके ।छत्रधारी सोनकर ने कहा कि जो सतत लगा रहता है उसको सफलता जरूर मिलती है। इसलिए सभी को पढ़ाई में निरंतरता की आवश्यक है ।आप जब चाहे तब बेहतर शुरुआत कर सकते हैं। बेहतर शुरुआत के लिए किसी विशेष दिन, घड़ी, मुहूर्त की आवश्यकता नहीं होती, आपकी एक बेहतर कदम आपके लिए अच्छा समय ला सकता है।

संस्थान की ओर से पूर्व चयनित लोगों का सम्मान भी किया गया जिसमें ज्योति सिंह ठाकुर महिला पर्यवेक्षक ,वीणा जलक्षत्री सहायक संपरिक्षक, दुर्गा तंबोली उप अभियंता सिविल, भुनेश्वरी चंद्राकर सहायक शिक्षक, शंभू बंछोर सहायक विज्ञान शिक्षक, ओम प्रकाश पाल मंडी उप निरीक्षक ,मनोज कंडरा आंतरिक अंकेक्षण उपस्थित रहे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में श्री अविनाश सिंह प्रोफेसर ,विशिष्ट अतिथि तेजेश्वरी सिंह सहायक विकास विस्तार अधिकारी , दीपक चंद्राकर लेबर इंस्पेक्टर, खिलेश चंद्राकर भूगोल एक्सर्पट्स, आदित्य गुप्ता करेंट अफेयर्स एक्सर्पट्स, शुभम शर्मा बाल विकास विशेषज्ञ, महेश साहू पटवारी, राकेश लोधी उपस्थित रहे । संस्थान ने यह जानकारी दी कि आगामी शिक्षक भर्ती हेतु 12489 पद सहित ए.डी.ई.ओ, सहकारिता, छात्रावास अधीक्षक हेतु विशेष कक्षाएं 12 तारीख से प्रारंभ हो रही है ।जिनके लिए निःशुल्क सेमिनार 11 सितंबर रविवार को रखा गया है।
कार्यक्रम का संचालन कोचिंग संस्थान के छात्रों के द्वारा किया गया जिसमें मुख्य रुप से मशाल से मिशाल व बैलून उड़ाकर कार्यक्रम का समापन किया गया।

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