अन्य छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में पब्लिक ऐप के पत्रकारों ने कंपनी के खिलाफ खोला मोर्चा,विज्ञापन के दबाव से परेशान होकर करेंगे 6 से कलम बंद हड़ताल

Written by Tukeshwar Lodhi

छत्तीसगढ़: बदलते युग के साथ पत्रकारिता जगत में भी आज सोशल मीडिया ने कब्जा जमा लिया है, आज अखबारों में खबरे पढ़ने की जगह लोग मोबाइल पर ही देश विदेशों की खबरें पाना ज्यादा पसंद करते हैं जिसे देखते हुए सोशल मीडिया पर खबरों को प्रोवाइड कराने वाले मीडिया कंपनियों ने सोशल मीडिया के तरफ रुख किया है वहीं नई नई सोशल मीडिया साईट और एप्प लगातार बनाये जा रहे हैं इन्ही में एक है पब्लिक एप्प जो लोकल स्तर पर लोगो को अपने चुने हुए स्थान के मुताबिक खबरे वीडियो के माध्यम से दिखाता है पब्लिक एप्प कंपनी का मुख्यालय नोयडा में स्थित है और छत्तीसगढ़ सहित भारत के विभिन्न राज्यों में कार्य कर रहा है जिसे प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।

गौरतलब है कि शुरुआती समय से ही पब्लिक एप्प के द्वारा लोकल खबरों को प्राप्त करने के लिए तहसील स्तर पर रिपोर्टर की नियुक्ति की जो उसी तहसील का निवासी भी है जिसके बाद एक बड़ी संख्या में रिपोर्टर इस एप्प के साथ जुड़े और अपनी मेहनत से पब्लिक एप्प को प्ले स्टोर में सर्वाधिक डाउनलोड किये जाने वाला मीडिया एप्प बना दिया। लेकिन वहीं रिपोर्टर आज पब्लिक एप्प से खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ के पब्लिक एप्प रिपोर्टर एकजुट होकर विज्ञापन के लिए अनावश्यक दबाव बनाने के विरोध में 6 नवम्बर से काम बंद करने का निर्णय लिए हैं।
रिपोर्टरों का कहना है कि उन्होंने पब्लिक एप्प को 4 वर्ष से अधिक सेवा दी है जिस बीच खबरों का संकलन, खबरों को वीडियो का रूप देना, वीडियो में खुद की वॉइस देना, पब्लिक एप्प में स्थानीय जनप्रतिनिधी, अधिकारियों, विभागों सहित प्रख्यात लोगो के प्रोफाइल बनवाना सहित विज्ञापन का कार्य किए है जिसके बदौलत आज पब्लिक एप्प भारत मे मीडिया खबरों के लिए पसंद किया जा रहा है। इसके विपरीत पब्लिक एप्प कम्पनी पत्रकारों के इस योगदान को भूल गई है और अब उनका शोषण करना शुरू कर दिया है। पत्रकारों ने बताया कि पब्लिक एप्प में जुड़ते समय सिर्फ खबरों के संबंध में बात हुई थी लेकिन कम्पनी ने वर्ष 2021 से विज्ञापन का कार्य शुरू कर दिया और पत्रकारों पर यह बोझ भी थोप दिया जिसे भी पत्रकारों ने बखूबी किया और अब बड़े बड़े व्यवसायियों सहित शासकीय विज्ञापन भी कंपनी को मिल रहे हैं लेकिन इतने में कंपनी का पेट नही भर रहा है और हर महीने लाखों के विज्ञापन प्रत्येक जिले से प्राप्त करने के लिए पब्लिक एप्प के नुमाइंदे पत्रकारों पर दबाव दे रहे हैं और विज्ञापन न देने वाले पत्रकारों की खबरों का कमीशन भी रोका जा रहा है। जिससे सभी पत्रकार अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और लगातार किए जा रहे शोषण के विरुद्ध अब आवाज खड़ा करने की ठानी है।
जानकारी के अनुसार सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ से पब्लिक एप्प के लिए कार्य कर रहे पत्रकारों ने अपना एक संघ बना लिया है और विज्ञापन कार्य के बोझ को उनपर से हटाने की मांग को लेकर 6 नवंबर से अनिश्चितकालीन कलम बंद हड़ताल करेंगे जिसमे सैकड़ो पत्रकारों ने अपनी सहमति जताई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री, श्रम मंत्री को अपने साथ हो रहे शोषण की जानकारी देने व आवश्यकता पड़ने पर उपभोक्ता फोरम की शरण लेने की रणनीति तैयार की गई है।

About the author

Tukeshwar Lodhi