रायपुर(20.11.22)- राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर में 20 नवंबर से 21 नवंबर, 2022 तक दो दिवसीय छत्तीसगढ़ नज समिट ‘22 का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन एनआईटी रायपुर , यूनिसेफ और एलायंस फॉर बिहेवियर चेंज द्वारा संयुक्त रूप से मिलकर किया जा रहा हैं| यह आयोजन राज्य में व्यवहार विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए एक मेगा माइंड मैपिंग इवेंट है|
कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में छत्तीसगढ के कैबिनेट मंत्री, श्री. टी.एस सिंहदेव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे एवं यूनिसेफ के सीएफओ जॉब जकारिया विशिष्ट अतिथि थे। कार्यक्रम में एनआईटी रायपुर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गोवर्धन भट्ट समन्वयक के रूप में मौजूद थे| कार्यक्रम की मुख्य सलाहकार एनआईटी की निदेशक(प्रभारी) डॉ. ए.बी सोनी थी। यूनिसेफ एसबीसी के विशेषज्ञ श्री. अभिषेक सिंह, छत्तीसगढ के केंद्रीय क्षेत्र एवं राज्य निदेशक श्रीकांत पाण्डेय ने भी कार्यक्रम में उपस्थित होकर इसकी शोभा बढ़ाई| सामुदायिक संस्थान भवन और पोषण(एसपीएम) के डॉ. मयूर गुप्ता, समर्थ चैरिटेबल ट्रस्ट के श्री सौम्य रंजन, अल्ट्राटेक प्लांट, हिरमी के मैनेजर श्री. वैभव विशाल त्रिपाठी, ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित थे| इस कार्यक्रम का मॉडरेशन आरोहण समाजसेवी समिति, दुर्ग की चेयरपर्सन गायत्री सिंह द्वारा किया गया|
एलायंस फॉर बिहेवियर चेंज 100 से भी अधिक सक्रिय एनजीओ सदस्य, सीएसओ, पेशेवरों और युवाओं का नेटवर्क है| यह मंच तकनीकी रूप से यूनिसेफ द्वारा समर्थित है| यूनिसेफ का मानना है कि व्यवहार परिवर्तन संचार रणनीतियाँ समुदाय को आगे बढ़ने एवं निर्णय लेने के लिए महत्वपूर्ण हैं| इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों के फैसलों को बेहतर बनाने और लोगों को बेहतर तरीके से समझने के लिए हमें व्यवहार आकलन, सामाजिक श्रोता, मानव केंद्रित डिजाइन, पसंद वास्तुकला, सामाजिक उत्तरदायित्व तंत्र एवं स्थानीय शासन में भागीदारी की जरूरत को समझाना है| इस क्षेत्र में प्रौद्योगिकी की भूमिका निर्णायक रूप में उभर रही है। एनआईटी, आईआईटी आदि जैसे प्रमुख तकनीकी संस्थान कैंपस के भीतर और बाहर युवा मन को प्रेरित कर नजिंग यूनिट संस्कृति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं | यह मेगा समिट राज्य में नजिंग के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करता है| यह प्रौद्योगिकी की शक्ति का उपयोग विचारों के आदान-प्रदान और सह-समाधान बनाने की भी अनुमति देता है| यह कार्यक्रम प्रदेश के लोगो को शिखर सम्मेलन, नेटवर्किंग, पैनल चर्चा, माइंड मैपिंग अभ्यास, प्रदर्शनी जैसी गतिविधियों का मिश्रण प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है|
पहले दिन कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. गोवर्धन भट्ट ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं नज समिट ‘22 के बारे में अपने बहुमूल्य सुझाव देने के साथ की। तत्पश्चात कार्यक्रम में यूनिसेफ एसबीसी के विशेषज्ञ श्री. अभिषेक सिंह ने नज क्या मायने रखता है इस विषय को विस्तृत किया | इसके बाद पूर्ण सत्र में विकास संचार पारिस्थितिकी तंत्र को प्रकट किया गया तथा टीम संरचना संसाधनों, प्रक्रियाओं और औजार का एकीकरण पर विस्तृत रूप से चर्चा की गयी एवं कार्यक्रम में उपस्थित श्रोताओं द्वारा प्रश्नोत्तर किए गए|
दूसरे दिन कार्यक्रम की शुरुआत यूनिसेफ की जिला संघटन समन्वयक निशा सोनी के व्यक्ततव्य से होगी| तत्पश्यात यूनिसेफ एसबीसी के विशेषज्ञ श्री. संजय सिंह द्वारा संवाद नेटवर्क के विषय में जानकारी प्रदान की जाएगी| इसके बाद जनता नीति व्यवहार अंतर्दृष्टि वास्तुकला और रणनीति प्राइवेट लिमिटेड की सुश्री दिव्यानी द्वारा एप्लाइड बिहेवियर साइंस एंड एसबीसी रणनीतियाँ पर व्यवहार विज्ञान वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा| तत्पश्यात प्रदेश के व्यवहार के लिए कन्वेयर एलायंस श्री. मनीष सिंह एलायंस पेज का अवलोकन और वे सामग्री पूल बनाने में कैसे योगदान करते हैं इस विषय में जानकारी देंगे | कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरण द्वारा होगा|

