रायपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के नए निदेशक डॉ. एन.वी. रमन्ना राव ने 8 जून, 2023 को संस्थान में अपना कार्यभार ग्रहण किया | डॉ. ए.बी. सोनी, निदेशक (प्रभारी), एनआईटी रायपुर ने उन्हें उनका कार्यभार सौंपा | इसके पहले वे 23 अक्टूबर 2017 से पांच साल तक एनआईटी वारंगल के निदेशक और सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर रहे। इससे पहले, उन्होंने जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हैदराबाद में सिविल इंजीनियरिंग के रेक्टर और प्रोफेसर के रूप में काम किया है। उन्होंने अपनी बी.ई. (उस्मानिया) से सिविल इंजीनियरिंग में, (आईआईटी दिल्ली) से एम.टेक, पीएच.डी. और वेल्स विश्वविद्यालय, स्वानसी, यूनाइटेड किंगडम से सिविल और स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में ब्रिटेन से पोस्ट डॉक्टरेट की उपाधि अर्जित की है ।
उन्होंने कई प्रशासनिक पदों जैसे रजिस्ट्रार, जेएनटीयू, हैदराबाद, कुकटपल्ली, हैदराबाद , प्रिंसिपल, जेएनटीयूएच कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग,कुकटपल्ली हैदराबाद, निदेशक, ब्यूरो इंडस्ट्रियल कंसल्टेंसी सर्विसेज, जेएनटी यूनिवर्सिटी, हैदराबाद , समन्वयक, उद्यमिता विकास सेल, जेएनटी यूनिवर्सिटी, हैदराबाद में रहते हुए कई अतुलनीय कार्य किए हैं । उन्होंने 23.10.2017 से 23.03.2018 तक एनआईटी, आंध्र प्रदेश के निदेशक (अतिरिक्त प्रभार) और 18.11.2021 से 23.09.2022 तक एसपीए, विजयवाड़ा के निदेशक (अतिरिक्त प्रभार) के रूप में भी काम किया है।
प्रो. रमन्ना राव ने तीन पुस्तकों का संपादन किया है और अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं/अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों/राष्ट्रीय पत्रिकाओं/राष्ट्रीय सम्मेलनों में उनके 186 पत्र प्रकाशित हुए हैं। उन्होंने 12 सम्मेलनों/कार्यशालाओं का आयोजन और 15 आमंत्रित व्याख्यान दिए हैं । उन्होंने 80 से अधिक एम.टेक विद्यार्थियों, 13 पीएचडी शोधार्थीयों का मार्गदर्शन किया है, वर्तमान में कई पीएच.डी. शोधार्थी उनके मार्गदर्शन में शोध कर रहे हैं |
उन्हें भारतीय कंक्रीट संस्थान के ए.पी. चैप्टर द्वारा वर्ष 2012 के लिए उत्कृष्ट कंक्रीट इंजीनियर पुरस्कार, वर्ष 2012 और 2015 में इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) द्वारा सर्वश्रेष्ठ पेपर के लिए सर आर्थर कॉटन मेमोरियल पुरस्कार , आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2011 के लिए राज्य सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार, भारतीय कंक्रीट संस्थान, आंध्रप्रदेश द्वारा वर्ष 2004 के लिए सर्वश्रेष्ठ डिजाइनर पुरस्कार, वर्ष 2012 में जूनियर चेम्बर्स इंटरनेशनल, द्वारा TOBIP पुरस्कार, वर्ष 1998 में वेल्स विश्वविद्यालय, स्वानसी , यू. के. में पोस्ट डॉक्टोरल शोध के लिए कॉमनवेल्थ फैलोशिप सम्मान, वर्ष 1995 में आंध्र प्रदेश सरकार और इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स, भारत, एपी स्टेट सेंटर द्वारा यंग इंजीनियर अवार्ड,वर्ष 1989 में वेल्स विश्वविद्यालय, स्वानसी, यूके में स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में पीएचडी करने के लिए कॉमनवेल्थ स्कॉलरशिप सम्मान , 2 जून 2018 को एसोसिएशन ऑफ कंसल्टिंग सिविल इंजीनियर (इंडिया) एसीसीई (आई), मदुरै द्वारा निर्माण उद्योग में अपार योगदान हेतु एमिनेंट इंजीनियर अवार्ड , वर्ष 2020 में तेलंगाना सरकार व इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स तेलंगाना सेंटर द्वारा इंजीनियरिंग” के क्षेत्र में, “भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया पुरस्कार” के लिए “प्रतिष्ठित अभियंता” पुरस्कार से सम्मानित ।
उन्हें विभिन्न तकनीकी संस्थानों को स्वायत्तता का दर्जा देने के लिए यूजीसी द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति सदस्य के रूप में नामित किया गया है। वह तेलंगाना राज्य लोक सेवा आयोग के विषय समिति सदस्य और तेलंगाना राज्य विद्युत उत्पादन निगम के विशेषज्ञ समिति सदस्य रहे हैं। वह तेलंगाना राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य हैं। वह संयुक्त रूप से आंध्रप्रदेश और तेलंगाना राज्य दोनों के 6 से अधिक वर्षों के लिए EAMCETs के संयोजक रहे हैं। वह इंजीनियरिंग और मेडिकल स्ट्रीम के व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आईआईटी, एनआईटी और सीएफटीआई में प्रवेश के लिए 2018, 2019 और 2020 में जेईई परीक्षा आयोजित करने के लिए जेईई एपेक्स बोर्ड (जेएबी) के सदस्य भी रहे हैं।
वह शैक्षणिक सीनेट, जेएनटी विश्वविद्यालय, हैदराबाद के सदस्य, शहर पुलिस आयुक्तालय मुख्यालय भवन और एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के विशेषज्ञ समिति सदस्य, भारतीय कंक्रीट संस्थान के पूर्व अध्यक्ष- एपी हैदराबाद केंद्र, भारतीय कंक्रीट संस्थान के पूर्व सचिव रहे हैं। – एपी हैदराबाद केंद्र, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ब्रिज इंजीनियर्स के कार्यकारी सदस्य। वह कई एआईसीटीई निरीक्षण समितियों के सदस्य, सिविल इंजीनियरिंग में अध्ययन बोर्ड के अध्यक्ष, जेएनटीयूएच, समन्वयक, सिंगरेनी कोलियरीज भर्ती परीक्षा, इसरो विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) के बाहरी विशेषज्ञ सदस्य रहे हैं। वह आंध्रप्रदेशऔर तेलंगाना सरकार द्वारा गठित कई उच्च-समितियों के सदस्य रहे हैं। वह तेलंगाना सरकार द्वारा संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए संबद्धता दिशानिर्देश तैयार करने वाली समिति के सदस्य रहे हैं। उन्हें वर्ष 2018 में तेलंगाना एकेडमी ऑफ साइंसेज का फेलो भी चुना है।
मॉरीशस के राष्ट्रपति के निमंत्रण पर वह मॉरीशस में वैश्विक स्तर पर कला, प्रकृति और विज्ञान की आवश्यकता पर आधारित उच्च स्तरीय वार्ता का हिस्सा रहे हैं। प्रोफेसर रमन्ना राव ने शैक्षणिक सहयोग के लिए अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, स्पेन, ताइवान, पुर्तगाल (लिस्बन) का दौरा किया है।
एनआईटी रायपुर अपने नए निदेशक प्रोफेसर एन वी रमन्ना राव का स्वागत करते हुए गर्व महसूस कर रहा है और उम्मीद करता है की संस्थान उनके कुशल मार्गदर्शन में नई बुलंदियों को छुएगा।