संयुक्त राष्ट्र संघ के 193 देशों की महासभा ने, हमारी संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय ध्यान दिवस के माध्यम से विश्व में, तनाव कम करने और हिंसा कम करने का माध्यम चुना है : वरिष्ठ आर.एस.एस प्रचारक बी.आर. किन्हेंकर।
रायपुर। नूतन स्कूल आरडीए कॉलोनी टिकरापारा में, दूसरे अंतरराष्ट्रीय ध्यान दिवस 21 दिसंबर 2025 के अवसर पर, ध्यान की कई विधाओं से एक हजार से अधिक स्कूली बच्चों को पारंगत किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे विधायक सुनील सोनी, अध्यक्षता की आरएसएस के वरिष्ठ चिंतक, विचारक और प्रचारक बी.आर. किन्हेंकर। विशेष अतिथि थे नगर निगम जोन 6 के अध्यक्ष बद्री गुप्ता, जोन 5 के अध्यक्ष अंबर अग्रवाल, पार्षद अजय साहू, पार्षद पति श्री गोलछा, लेखक किरण अवस्थी पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी खंडेलवाल और संयुक्त कलेक्टर श्री केसरिया। संस्था प्रमुख सरपंच चटर्जी ने ध्यान दिवस के महत्व को प्रतिपादित किया और शाला संचालक के. अग्रवाल ने ध्यान के वैज्ञानिक और मनोविज्ञान परिणामों को विस्तार से समझाया। उप्राचार्य सुनीता रायकवार ने सभी अतिथियों का पुष्प गुच्छ देकर अभिनंदन किया।
कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को ध्यान की विभिन्न विधाओं से अवगत कराते हुए प्रैक्टिस कराई गई। जिसमें पढ़ाई के स्ट्रेस से बचने के लिए नांद ध्यान, मेमोरी शार्प करने के लिए नासाग्र ध्यान, विचारों को नियंत्रित करने के लिए श्वांस-प्रश्वांस ध्यान ( सहज ध्यान), डिसीजन मेकिंग के लिए त्राटक ध्यान और डर-भय दूर करने के लिए नाम जब ध्यान का अभ्यास कराया गया। ध्यान से होने वाले फायदाओं पर विस्तार से बच्चों को जानकारी दी गई। साथही, प्रतिदिन दो बार ध्यान करने की शपथ भी मुख्य अतिथि ने दिलाई।
कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने गुरु वंदना, ध्यान का आलोक और राष्ट्रभक्ति के कई कार्यक्रम पेश किये। इस अवसर पर ठंड से बचने के लिए कमजोर वर्गों के 300 से अधिक स्टूडेंट को स्वेटर भी वितरित किया गया। ज्ञान के विषय पर कार्यक्रम अध्यक्ष बी आर किन्हेंकर ने विस्तार से बच्चों को समझाया। उन्होंने बताया की संयुक्त राष्ट्र संघ के 193 देशों की महासभा ने, हमारी संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय ध्यान दिवस के माध्यम से विश्व में, तनाव कम करने और हिंसा कम करने का माध्यम चुना है । यह हम सबके लिए गौरव का विषय है । कार्यक्रम का प्रारंभ राष्ट्रगान से हुआ और समापन वंदे मातरम से हुआ।

