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RAIPUR NEWS: एनआईटी रायपुर में द्वितीय रिसर्च स्कॉलर कान्क्लेव की हुई शुरुआत, तीन दिनों तक शोध पत्र किए जाएंगे प्रस्तुत

Written by Tukeshwar Lodhi

रायपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर में 11 जुलाई 2023 से 13 जुलाई 2023 तक द्वितीय रिसर्च स्कॉलर कान्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है । इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन केवल संस्थान के पी.एच.डी. छात्रों के लिए किया जा रहा है| इस कार्यक्रम का उद्देश्य पी.एच.डी. छात्रों को उनके शोध परिणामों को प्रस्तुत करने और उनके अनुसंधान, और विकास प्रक्रिया बताने के लिए एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करना है।

कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक एनआईटी रायपुर के निदेशक, डॉ. एन.वी. रमना राव हैं। प्रोफेसर, केमिकल इंजीनियरिंग ,डॉ. ए.बी. सोनी, इस कार्यक्रम की संरक्षक हैं । डीन ( रिसर्च एंड कंसल्टेंसी ) डॉ. प्रभात दीवान, इस कार्यक्रम के अध्यक्ष हैं। कार्यक्रम की आयोजन समिति में चार सदस्य असोसिएट प्रोफेसर, विद्युत अभियांत्रिकी, डॉ. अनामिका यादव, असोसिएट प्रोफेसर रासायनिक अभियांत्रिकी, डॉ. जे. आनंदकुमार, असोसिएट प्रोफेसर, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, डॉ. अवनीश कुमार, और असिस्टैंट प्रोफ़ेसर, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग डॉ. तीरथ प्रसाद साहू शामिल है।

उद्घाटन समारोह की मुख्य अतिथि निदेशक(प्रभारी) डॉ. ए.बी. सोनी रही और डीन (अकादमिक), डॉ. श्रीश वर्मा सम्मानीय अतिथि रहे | सभी गणमान्य अतिथियों द्वारा द्वीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। अपने भाषण में, डॉ. प्रभात दिवान ने सभी का हार्दिक स्वागत किया और शोध सम्मेलन की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन का प्राथमिक उद्देश्य छात्रों के बीच विचारों के आदान-प्रदान करने और सहयोग करने का है। डॉ प्रभात दिवान ने इस दौरान उपस्थित छात्रों को सक्रिय रूप से नेटवर्क करने और सहयोग स्थापित करने के लिए मार्गदर्शन दिया साथ ही उन्होंने छात्रों को संस्थान के विभिन्न सत्रों में उनके सहयोगियों द्वारा प्रस्तुतियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया । उन्होंने इस कार्यक्रम के आयोजन समिति के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।

डॉ. ए.बी. सोनी ने शोध सम्मेलन को संस्थान का एक प्रमुख आयोजन बताया। उन्होंने शोध सम्मेलन के प्रति नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 की महत्वता पर जोर दिया, जो समग्र विकास और अन्तरविषयी शिक्षा को जोर देती है। डॉ. सोनी ने कौशल विकास की महत्वता पर जोर दिया, और छात्रों को उनके संयोजन, समस्या-समाधान और संचार कौशलों को सुधारने हेतु प्रोत्साहित किया।

अपने भाषण में, डॉ. श्रीश वर्मा ने शोध सम्मेलन के महत्व के बारे में छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने उन्हें प्रभावी प्रस्तुति, कौशलों की महत्वता और मौजूदा धारणाओं को चुनौती देने की इच्छा को बल दिया। डॉ. वर्मा ने छात्रों को अपने शोध कार्य को प्रदर्शित करने का महत्व समझने और विचार-विमर्श के वातावरण का संचालन बढ़ाने की प्रेरणा दी।

एल्सीवियर जर्नल, नई दिल्ली की ग्राहक सलाहकार (दक्षिण एशिया), मिस ऐश्वर्या नायल ने कार्यक्रम में एक रोचक भाषण दिया जिसमें उन्होंने विभिन्न विषयों पर चर्चा की, जिनमें शोध पत्रों और नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के प्रभाव का वर्णन था। मिस नायल ने एल्सीवियर की डेटा विश्लेषण कंपनी में परिवर्तित होने और पत्र लेखन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर अहम जानकारी प्रदान की। उन्होंने अपनी प्रस्तुतिकरण के दौरान विभिन्न शोध प्रकाशनों के आंकड़े प्रदर्शित किए जिसमें एनआईटी रायपुर द्वारा प्रदर्शित होने वाले शोध पत्रों के बारे में उन्होंने जानकारी दी | इसके अलावा उन्होंने एक सफल शोध पत्र कैसे बनाया जा सकता है इस पर एक उत्तम प्रस्तुति दी , जिसमे उन्होंने शोध पत्रों के निर्माण के विभिन्न पहलुओं का विस्तार से वर्णन किया ।यह कार्यक्रम डॉ. प्रभात दिवान द्वारा तीन दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा का विवरण देकर समाप्त हुआ।

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