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छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति पर विशेष फोटो प्रदर्शनी आज से

रायपुर। छत्तीसगढ़ जन विकास एवं सशक्तिकरण सहयोग संस्था- ‘क्लाउड’ समेत ‘संस्कृति विभाग’ और अन्य सहयोगी संस्थाएं ‘ग्रेसियस ग्रुप आॅफ नर्सिंग कॉलेज’ व ‘कला केंद्र रायपुर’ के संयुक्त बैनर तले रविवार, 9 अगस्त से तीन दिवसीय विशेष फोटो प्रदर्शनी नालंदा परिसर के पास जीई रोड रायपुर स्थित कला केंद्र परिसर में लगाई जाएगी। यह अद्भुत व अनूठी प्रदर्शनी 11 अगस्त तक प्रतिदिन दोपहर 12 से शाम 7 बजे तक देखी जा सकेगी।
इस प्रदर्शनी में ‘छत्तीसगढ़ की अद्भुत एवं विविध जनजातीय संस्कृति’ पर आधारित दुर्लभ और आकर्षक चित्रों को प्रदर्शित किया जाएगा। जिनमें राज्य की विभिन्न जनजातियों की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान, उनकी जीवनशैली तथा प्रकृति के साथ उनके गहरे संबंध को दुर्लभ एवं आकर्षक छायाचित्रों के माध्यम से दिखाया जाएगा।
इस आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं, लोकजीवन, लोककलाओं और सांस्कृतिक विरासत को युवाओं, विद्यार्थियों और आम लोगों तक प्रभावी रूप से पहुंचाना है। इसका शुभारंभ 9 अगस्त को ट्राइबल डे के अवसर पर होगा। इस अवसर पर संचालक- संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग डॉ. संजय कन्नौजे (आई.ए.एस.), राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा, उप संचालक- संस्कृति उमेश मिश्रा, सचिव- राजभाषा आयोग छत्तीसगढ़ डॉ. अभिलाषा बेहार, डायरेक्टर- ग्रेसियस ग्रुप डॉ. आशुतोष शुक्ला विशेष रूप से सम्मिलित होंगे।
सभी आयोजकों समेत क्लाउड से जुड़े प्रकृति छायाकार व आयोजक दीपेंद्र दीवान ने कला, संस्कृति एवं जनजातीय विरासत में रुचि रखने वाले नागरिकों, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, कलाकारों, फोटोग्राफी प्रेमियों तथा सभी संस्कृति प्रेमियों से इस विशेष प्रदर्शनी में उपस्थित होकर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली जनजातीय विरासत का अवलोकन करने एवं इस सांस्कृतिक अभियान का सहभागी बनने का आग्रह किया है।

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मीडिया एमपीसीजी