रायपुर। राजधानी के समाजसेवी एक परिवार ने वृंदावन हॉल, सिविल लाइन में मूक-बधिर, दृष्टिहीन और दिव्यांग बालिकाओं-महिलाओं के साथ सावन तीज उत्सव का आयोजन किया। यह अनुकरणीय व प्रेरक आयोजन केवल एक त्यौहार नहीं, बल्कि दिव्यांगता के प्रति समाज का नजरिया बदलने का एक महाअभियान सिद्ध हुआ। अस्थिबाधित बहनों की सुविधा का पूरा ध्यान रखते हुए आयोजन स्थल को पूरी तरह से बाधारहित और सुगम्य बनाया गया था। विशेष रूप से दृष्टिबाधित महिलाओं के लिए स्पर्श और ध्वनि आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सुंदर प्रबंध किया गया था। हरे-भरे परिधानों और पारंपरिक श्रृंगार में सजी दिव्यांग महिलाओं ने सावन के प्राकृतिक सौंदर्य को जीवंत कर दिया। मंच पर उन्होंने अपनी शारीरिक सीमाओं को लांघकर भावपूर्ण और ऊजार्वान प्रस्तुतियां दीं। बालिका अरुणिमा शर्मा के राष्ट्रगान और राज्य गीत की प्रस्तुति ने पूरे माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। यह आयोजन शुभांगी संजय आप्टे के मार्गदर्शन में किया गया। मंच संचालन अरुणा यादव ने किया। आयोजन में प्रख्यात समाजसेवी डॉ. मौसमी घानेकर, उदयभान सिंग, पद्मश्री बुदरी ताती (बारसूर), राज्य महिला आयोग अध्यक्ष ममता साहू, महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय काले, महाराष्ट्र मंडल, वनबंधु और लाहोटी मित्र मंडल के सदस्य बड़ी संख्या में सम्मिलित रहे।