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लहराए सफेद ध्वज, झांकियो ने मोहा सबका मन, पंथी ने सबको थिरकाया

Written by Kamlakar Yerpude

जय सतनाम का उदघोष करते निकली गुरु घासीदास जी की भव्य शोभायात्रा..

लहराए सफेद ध्वज, झांकियो ने मोहा सबका मन, पंथी ने सबको थिरकाया

रायपुर। गिरौदपुरी की पावन धरा में अवतरित महान संत बाबा गुरु घासीदास जी की 269 वी. जयंती की पूर्व संध्या पर मंगलवार को सतनामी समाज के लोगों ने परंपरानुसार अपने अराध्य के सम्मान व गुरु के उपदेशों को जन-जन तक पहुंचने शोभायात्रा निकाली। सफेद रंग का कुर्ता, धोती व सिर पर कपड़ा बांधकर हाथों में फूलों से सुसज्जित सात श्वेत ध्वज थामे हुए खुले पैर चल रहे “सात संतों” की अगुवाई में शोभायात्रा का आगाज हुआ।

गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के अध्यक्ष के.पी.खण्डे, महासचिव डॉ.जे.आर. सोनी एवं प्रवक्ता चेतन चंदेल ने बताया कि आमापारा प्लाजा के अंदर स्थापित पवित्र जैतखाम में मंगल आरती व पूजा अर्चना कर सफेद ध्वज लहराते “जय-जय सतनाम..18 दिसंबर अमर रहे.. नरसिंह मंडल अमर रहे ” की जैघोष के साथ संध्या 05 बजे शोभायात्रा प्रारंभ हुई जिसमें हजारों की संख्या में सतनामी समाज के अनुयायी शामिल हुए। शोभायात्रा का रास्ते भर विभिन्न राजनैतिक व सामाजिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों ने पुष्प वर्षा, फल व मिष्ठान वितरण कर जोरदार स्वागत किया।

आकर्षक झांकियो ने मोहा मन 

गुरु घासीदास जी के बड़े-बड़े छायाचित्रों व जैतखाम के मॉडल को फूलों व जगमग रोशनियों से सजाकर उसमें गुरु के सात संदेशों को अंकित किया गया था वहीं चलित बडी प्रतिमायुक्त झांकियो में गुरु बालकदास जी को अंग्रेजों के द्वारा तलवार भेंटकर राजा की पदवी से नवाजे जाने का दृश्य… हाथी पर सवार होकर उपदेश देते… जैसे अनेकों प्रसंगों को दिखाया गया ।

पंथी गीतों ने सबको थिरकाया 

डीजे. व धुमाल में बज रहे पंथी गीत सन्ना ना नन्ना.. सतनामी बघवा.. झूम झूम के नाचोगा पंथी.. जैसे अनेकों गीतों में युवक- युवतियां जमकर थिरक रहे थे वही मादरबाजे की थाप पर महिलाएं तथा ग्रुप कलाकारों की टीम नृत्य करते हुए गुरु की महिमा का बखान कर सबको झूमने मजबूर कर रहे थे। चारों तरफ उमंग व उत्साह का नजारा देखते ही बन रहा था।

अखाड़ा दलों ने दिखाई कलाबाजियां 

बीरगांव से जग्गा गुरुजी के नेतृत्व में आए अखाड़ा दलों के छोटे बच्चों की टोलियों ने मुंह में आग के गोले निकालना.. सुरक्षा गोल चक्र घुमाना ..लाठी भांजकर आत्मरक्षा करना जैसे अनेको हुनर दिखाकर शौर्य व कलाबाजियों का हैरत अंगेज प्रदर्शन किया।

 

कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने दिया आशीर्वाद

शोभायात्रा में भंडारपुरी धाम से पधारे कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब बग्गी पर सवार होकर पूरे समय सभी को आशीर्वाद देकर अभिवादन करते साथ चल रहे थे।

सर्वश्रेष्ठ झांकियां हुई सम्मानित 

समापन स्थल गुरु घासीदास चौक (नगर घड़ी) पर बनाए गए मुख्य मंच से गुरु खुशवंत साहेब व समाज के वरिष्ठो द्वारा शोभायात्रा में शामिल सर्वश्रेष्ठ पांच झांकियो को विशेष प्रतीक चिन्ह, साल, श्रीफल तथा अन्य शामिल झांकियो को सांत्वना सम्मान से सम्मानित किया गया। अंत में मंचस्थ वरिष्ठजनो व अतिथियों द्वारा 18 दिसम्बर जयंती पर्व की शुभकामनाएं देते हुए सभी से गुरु घासीदास जी की शिक्षाओं एवं उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया गया। शोभायात्रा में अध्यक्ष के.पी. खण्डे, श्रीमती शकुन डहरिया,डॉ.जे. आर. सोनी, डी.एस. पात्रे, सुंदरलाल लहरे, एल. एल. कोसले, सुंदरलाल जोगी, के.एल. रवि, चेतन चंदेल,कपिल नारायण भारद्वाज, खेदु बंजारे, आर.के. पाटले, प्रकाश बंदे, छगनलाल सोनवानी, रघुनाथ भारद्वाज,आर. के.गेंदले, पं. अंजोरदास बंजारे, मोहनलाल डहरिया, कमल कुर्रे, सुखनंदन बंजारे, कृपाराम चतुर्वेदी, लाला पुरेना, संतोष महिलांग, अरुण मंडल, मनीष कोसरिया, नंदू मारकंडे, घासीदास कोसले, तुलाराम टंडन,आसाराम लहरे, नोहर घृतलहरे , दर्शन मिरी, रमेश चंदेल, महिलाओं में श्रीमती उमा भतपहरी, सीमा सोनी, अंजली बरमाल, द्रोपती जोशी ,सुशीला सोनवानी, दुर्गा गेंदले, आशा पात्रे, कल्याण रवि, धनेश्वरी डांडे, परमेश्वरी त्रिवेंद्र सहित हजारों लोग शामिल हुए

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