आरंग(01.10.22)-आरंग से लगभग 07 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम बोड़रा में विराजमान है माँ महामाया।यह ग्राम बोड़रा की ग्राम देवी है।माँ महामाया बोड़रा की रक्षा करने वाली देवी है।
कहा जाता है कि एक समय गांव के बुजुर्ग लोग माँ महामाया का पूजापाठ करना बंद कर दिए थे तब माता क्रोधित हो गयी थी और गांव के जितने तालाब थे उसकी पचरी मे अनाज निकलना शुरु हो गया।कई बोरी अनाज तालाब मे रोज निकलने लगा जिससे गांव वाले डर गये। फिर माँ महामाया ने गांव में रहने वाले गौटिया के सपने मे आकर कहा-”गांव में मेरा मान सम्मान नही हो रहा है इसलिए मैं क्रोधित हूँ।” गौटिया ने सारी बात गांव वालों को बताया फिर ग्रामीणों द्वारा माँ महामाया के मंदिर मे पुनः ज्योत-ज्वांरा की स्थापना की गई जो आज भी जारी है। समय के साथ साथ अब माँ महामाया का भव्य मंदिर बन चुका हैं जहाँ आसपास के गांव वाले भी दर्शन के लिए आते है।इस बार क्वार नवरात्र मे माँ महामाया मंदिर मे 91 मनोकामना ज्योत जलाया गया है।माँ महामाया सभी भक्तों की मनोकामना पूर्ण करती है।

