आरंग/17सितंबर 2022– प्रदेश के नगरीय प्रशासन विकास एवं श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया के नेतृत्व में गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के पदाधिकारियों ने शनिवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से उनके निवास कार्यालय में मुलाकात कर अनुसूचित जाति विभाग के मंत्रालय को अनुसूचित जनजाति मंत्रालय से पृथक करने तथा अनुसूचित जाति सलाहकार परिषद के गठन का कैबिनेट में लिए गए निर्णय पर खुशी जाहिर करते हुए प्रतिनिधिमंडल में शामिल अकादमी के प्रदेश अध्यक्ष के. पी. खण्डे, सुंदरलाल जोगी, चेतन चंदेल,आर.के. पाटले, उतित भारद्वाज, प्रकाश बांधे, टिकेंद्र बघेल, मानसिंह गिलहरे, हीरा सायसेरा, श्रीमती पुष्पा पाटले आदि ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित कर उनका आभार जताया।
अकादमी के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की शीघ्र नियुक्ति करने, गुरु घासीदास जी के नाम पर जिले का नामकरण करने ,पृथक अनुसूचित जाति मंत्रालय को अनुसूचित जाति के ही मंत्री को अतिरिक्त प्रभार देने तथा पूर्व में गुरु घासीदास जयंती के दौरान घोषित की गई गुरु घासीदास संग्रहालय एवं शोध संस्थान की स्थापना, 200 बिस्तर का उच्च स्तरीय आवासीय कोचिंग छात्रावास की स्थापना, नगरीय निकाय क्षेत्रों में मिनीमाता डायग्नोस्टिक सेंटर की स्थापना तथा अकादमी को कंप्यूटर और लाइब्रेरी हेतु 50 लाख की घोषित राशि को शीघ्र आवंटित करने का आग्रह किया जिस पर मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को जल्द ही मांग पूरा करने का भरोसा दिलाया।

