रायपुर के गायत्री नगर में सजेगा बाबा श्याम का दरबार
बाबा के चरणों में लगेगी हाजिरी:
गूंजेंगे श्री खाटू नरेश के जयकारे, भक्त करेंगे विशेष अरदास
रायपुर। राजधानी के गायत्री नगर स्थित श्री गणेश-शिव-हनुमान-साईं मंदिर प्रांगण में आगामी 22 दिसंबर को भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिलेगा। इस दिन मंदिर परिसर विशेष “श्री श्याम अरदास कीर्तन” का आयोजन किया जाएगा, जहाँ भक्त सामूहिक रूप से बाबा खाटू श्याम के चरणों में अपनी हाजिरी लगाएंगे। सर्वप्रथम सुबह 9 बजे श्री खाटू श्याम के शीश के दानी का मंदिर के प्रांगण में धूमधाम से आगमन होगा और उनका भव्य दरबार सजेगा।
शाम 6 बजे से “श्री श्याम अरदास कीर्तन” में प्रसिद्ध भजन गायक पंकज मोदी, धनबाद, मानक सारस्वत, बीकानेर,विनय अग्रवाल , टीनू शर्मा, तिल्दा नेवरा, रायपुर की रहेगी प्रस्तुति।
श्रीश्याम अरदास कीर्तन” में इन प्रसिद्ध भजन गायकों का परिचय
1. पंकज मोदी, धनबाद
धनबाद के प्रसिद्ध भजन गायक पंकज मोदी श्री श्याम अरदास कीर्तन और खाटू श्याम भजनों के लिए जाने जाते हैं।
लोकप्रिय भजन: पंकज मोदी के कुछ प्रसिद्ध भजनों में “तड़पाओगे तड़पा लो” , “जिस दिन ऐ मुरली वाले”, और “खाटू वाले श्याम ये कैसी माया है” शामिल हैं।
2. मानक सारस्वत, बीकानेर
मानक सारस्वत बीकानेर के एक प्रमुख भजन गायक और आयोजक हैं, जो विशेष रूप से मानक सारस्वत खाटू श्याम बाबा के भजनों और अरदास संकीर्तन का गायन करते हैं।
लोकप्रिय भजन:”कान्हा तेरे दर्शन को तेरा दास तरसता है” और “नाथ मारी पीड़ हरो घनश्याम” जैसे भावपूर्ण भजन भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय हैं।
3. विनय अग्रवाल , रायपुर
विनय अग्रवाल , जो रायपुर (छत्तीसगढ़) के एक प्रसिद्ध भजन गायक हैं, विशेष रूप से श्री खाटू श्याम जी के भजनों और अरदास संकीर्तन के लिए जाने जाते हैं।
प्रसिद्ध भजन: उनके लोकप्रिय भजन कार्यक्रमों में “तेरे चलाये से चले नैया गरीब की”, “करो स्वागत बाबा को”, और “तुझे अपना जानके बाबा” शामिल हैं।
4. टीनू शर्मा, तिल्दा नेवरा
टीनू शर्मा एक प्रसिद्ध भजन गायक हैं जो विशेष रूप से
अपने भावुक और दिल को छू लेने वाले खाटू श्याम भजनों के लिए जाने जाते हैं।
प्रसिद्ध भजन: “सच्चे हृदय से श्याम का सुमिरन किया करो”
“तुम्हारी किरपा जब से होने लगी है” “कदर अब हमारी होने लगी है”
क्या है ‘श्री श्याम अरदास’?
‘श्री श्याम अरदास’ खाटू श्याम बाबा के चरणों में की जाने वाली एक अत्यंत भावपूर्ण विनती है। इसे भक्त अक्सर कीर्तन के समापन पर या किसी विशेष संकट के समय गाते हैं। यह केवल एक भजन नहीं, बल्कि बाबा से जुड़ने का एक सीधा माध्यम है। ऐसी मान्यता है कि यदि सच्ची श्रद्धा और अटूट विश्वास के साथ यह अरदास की जाए, तो बाबा श्याम अपने भक्तों के संकटों को अवश्य दूर करते हैं।
भक्तों में भारी उत्साह
आयोजन को लेकर मंदिर समिति और स्थानीय भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। कीर्तन के दौरान बाबा का भव्य श्रृंगार किया जाएगा और भजनों की प्रस्तुति के साथ पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाएगा। आयोजकों का कहना है कि इस कीर्तन का मुख्य उद्देश्य सामूहिक रूप से बाबा से सुख-समृद्धि और शांति की कामना करना है।

