इस निर्णय से देशभर में लगभग 51 लाख कर्मचारी भविष्य निधि के दायरे में आएंगे
रायपुर, 17 सितंबर 2026. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) की वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय आज विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लिया गया। यह पुनरीक्षण 12 वर्ष बाद किया गया है।
इस निर्णय से देशभर में लगभग 51 लाख कर्मचारी भविष्य निधि के दायरे में आएंगे। बढ़ी हुई वेतन सीमा विश्वकर्मा जयंती 2026 अर्थात दिनांक 17.09.2026 से लागू हो गई है, जो कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा के विस्तार की दिशा में एक नई शुरुआत का प्रतीक है।
इस उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ श्रम विभाग द्वारा बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, रायपुर में राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री, श्रम मंत्री सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही तथा मुख्यमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री के इस नवाचार का स्वागत किया गया।
श्रमिक महासम्मेलन में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा विशेष प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी में संगठन की नवीन योजनाओं — प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना, विश्वास योजना 2026, ईईंसी (कर्मचारी नामांकन योजना 2026) एवं अंशदान की बढ़ी हुई सीमा के संबंध में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में सहायक भविष्य निधि आयुक्त श्री आकाश अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
ईपीएफओ लोगो
बेसिक सैलरी का 12% हिस्सा हर महीने EPF खाते में जमा होता है। नियोक्ता भी 12% अंशदान देता है, जिसमें से 8.33% कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में और 3.67% भविष्य निधि खाते में जाता है। केंद्र सरकार द्वारा पेंशन निधि के लिए 1.16% अनुदान दिया जाता है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-II गौरव डोंगरे ने मीडिया को जारी एक स्टेटमेंट में बताया कि EPFO कवरेज के विस्तार से श्रमिकों को रोजगार में बनाए रखने और रोजगार को औपचारिक बनाने में मदद मिलेगी। ‘रोजगार के साथ सामाजिक सुरक्षा भी’ के मंत्र पर यह केंद्र सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है।




