छत्तीसगढ़ • बेमेतरा

छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे ने पदाधिकारियों संग किए ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य के दर्शन, किसानों की खुशहाली की कामना

बेमेतरा / सलधा। बेमेतरा जिले के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल सपाद धाम सलधा स्थित लक्षेश्वर धाम में इन दिनों धर्म और अध्यात्म का महाकुंभ लगा हुआ है। उत्तराम्नाय ज्योतिर्मठ बद्रीकाश्रम हिमालय के परम आराध्य पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज 1008 का पावन चातुर्मास व्रत अनुष्ठान यहां चल रहा है।

इसी पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के राज्य आंदोलनकारी प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे ने अपने सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ पूज्य महाराजश्री के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे ने शंकराचार्य महाराज से छत्तीसगढ़ के किसानों की खुशहाली, सुख-समृद्धि और प्रदेश में हरियाली बनी रहे, इसकी मंगल कामना की। उन्होंने कहा कि जगद्गुरु का आशीर्वाद हम सभी किसान भाइयों के लिए संजीवनी के समान है। छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है, यहां के किसानों पर बाबा भोलेनाथ और जगद्गुरु की कृपा सदैव बनी रहे, यही प्रार्थना है।

इस आध्यात्मिक भेंट के दौरान छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिसमें वरिष्ठ संरक्षक दाऊ जी पी चंद्राकर, बगेंद्र सोनवेर, रघुनंदन साहू, महेन्द्र कौशिक, जलेश्वर राजपूत, ठाकुर राम सिन्हा, कार्तिक जयसवाल, गिरधर कौशिक प्रमुख रूप से शामिल रहे। सभी पदाधिकारियों ने एक साथ पूज्य शंकराचार्य महाराज का पादुका पूजन किया और धर्म सभा में भाग लिया।

सपाद धाम सलधा जिसे लक्षेश्वर धाम के नाम से भी जाना जाता है, आज विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। यहां सवा लाख शिवलिंगों की स्थापना का महा-अभियान चल रहा है, जो अपने आप में विश्व का पहला और अद्भुत मंदिर होगा। जगद्गुरु शंकराचार्य महाराज ने अपने प्रवचनों में इस धाम की महिमा बताते हुए कहा है कि यहां 80 परिक्रमा करने से एक करोड़ परिक्रमा का पुण्य फल मिलता है, क्योंकि यहां सवा लाख शिवलिंग एक साथ विराजमान हो रहे हैं।

किसान नेता अनिल दुबे के नेतृत्व में मोर्चा लगातार किसानों के हक की लड़ाई लड़ रहा है, वहीं धर्म और संस्कृति से जुड़कर समाज को नई दिशा भी दे रहा है। दर्शन के बाद श्री दुबे ने कहा कि पूज्य महाराजजी ने किसानों को जैविक खेती, गौ-सेवा और भारतीय संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश दिया है। वह संदेश लेकर हम गांव-गांव जाएंगे।

इस अवसर पर धाम में उपस्थित दंडी स्वामी ज्योतिर्मयानंद सरस्वती महाराज ने सभी किसान पदाधिकारियों का स्वागत किया। पूरे धाम में जय बद्रीविशाल और हर-हर महादेव के जयघोष गूंजते रहे। भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिला। निश्चित ही छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा की यह आध्यात्मिक यात्रा किसानों के मनोबल को बढ़ाने वाली और प्रदेश की सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करने वाली सिद्ध होगी।

About the author

मीडिया एमपीसीजी