2021 में माओवादियों ने कुछ CRPF जवानों को अगवा कर लिया था। मुकेश ने इन जवानों की रिहाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। राज्य पुलिस ने उनकी इस बहादुरी की सराहना की थी। मुकेश बस्तर क्षेत्र में नक्सली हमलों, मुठभेड़ों और अन्य मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते थे। वे एक राष्ट्रीय समाचार चैनल के लिए स्ट्रिंगर के रूप में काम करते थे। साथ ही, वे एक यूट्यूब चैनल भी चलाते थे, जिसके 1.59 लाख से ज़्यादा सब्सक्राइबर थे।
मुकेश के YouTube चैनल पर बस्तर क्षेत्र के संघर्ष, आदिवासी समुदाय के मुद्दे और अन्य स्थानीय समस्याओं पर वीडियो देखे जा सकते हैं। वे अपने व्यापक नेटवर्क के जरिए राज्य की राजधानी रायपुर और देश भर के अन्य पत्रकारों की भी मदद करते थे।

