छत्तीसगढ़ बेमेतरा

कहानी बदलाव की – मातृत्व को मिला सम्मान, तो मुस्कुराया परिवार

  • मिनीमाता महतारी जतन योजना से मोगरा साहू को मिली 20 हजार की सहायता, बोलीं – अब बच्चे के पोषण की नहीं है चिंता

बेमेतरा, 15 सितंबर 2026/कहते हैं जब सरकार संवेदनशील हो तो योजनाएं कागजों से निकलकर सीधे जरूरतमंद की झोली में पहुंचती हैं। ऐसा ही कुछ हुआ है बेमेतरा विकासखंड के ग्राम जौंग की मोगरा साहू के साथ।

मोगरा साहू, पति – ग्राम जौंग, पोस्ट जिया, तहसील व जिला बेमेतरा की निवासी हैं। वे श्रम विभाग, बेमेतरा में रेजा श्रमिक के रूप में पंजीकृत हैं। पति भी मजदूरी का कार्य करते हैं। रोज कमाना-रोज खाना, यही उनके परिवार की पहचान थी।

कुछ माह पूर्व मोगरा ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। माँ बनने की खुशी तो थी, लेकिन साथ ही एक चिंता भी – “बच्चे के दूध, दवा और अपने खान-पान का खर्च कैसे निकालूंगी, जब तक मैं काम पर नहीं जा पाऊंगी?”

इसी चिंता के बीच श्रम विभाग के मैदानी अमले ने उन्हें मिनीमाता महतारी जतन योजना की जानकारी दी। यह योजना पंजीकृत महिला श्रमिकों को मातृत्व अवस्था में आर्थिक संबल देने के लिए चलाई जा रही है।

मोगरा ने तत्काल आवेदन किया। विभाग ने तेजी से प्रकरण की जांच कर स्वीकृति दी और कुछ ही दिनों में उनके आधार लिंक बैंक खाते में 20,000 रूपये की राशि उनके खाते में भेज दी गई है।उन्होंने बताया कि मैं तो सोच भी नहीं सकती थी कि इतनी जल्दी पैसा आ जाएगा। 20 हजार रूपये से मैंने बच्चे के लिए पौष्टिक आहार, तेल, साबुन, कपड़े और अपनी दवाइयां लीं। अब मेरा बच्चा स्वस्थ है और मैं भी मजबूत महसूस कर रही हूँ। सरकार ने सच में मातृत्व का सम्मान किया है।

योजना से मिले 4 बड़े लाभ

समय पर पोषण मिलने से शिशु का स्वास्थ्य बेहतर हो सका है । माँ को पौष्टिक भोजन की उपलब्धता हो सकी है। प्रसव के बाद आराम और स्वास्थ्य लाभ का अवसर मिला है।परिवार का सशक्तिकरण और आर्थिक चिंता से मुक्ति मिली है। श्रम पदाधिकारी बेमेतरा ने बताया कि जिले में अब तक सैकड़ों पंजीकृत महिला श्रमिकों को इस योजना से लाभान्वित किया जा चुका है।

मोगरा की आंखों में आज अपने नन्हे बच्चे के सुनहरे भविष्य के सपने हैं, और उन सपनों को पूरा करने का हौसला दिया है छत्तीसगढ़ शासन की इस संवेदनशील योजना ने।

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