रायपुर रेल मंडल की त्वरित कार्रवाई से ट्रेन में यात्रियों को दवा, एंबुलेंस एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध
रायपुर- 16 सितम्बर, 2026
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर रेल मंडल द्वारा यात्रियों की सुविधा एवं सहायता के लिए ‘रेल मदद’ सेवा के माध्यम से प्राप्त चिकित्सा संबंधी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए यात्रियों को आवश्यक चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। 01 जनवरी से सितम्बर 2026 के दौरान 1139 मामलों में रेल मदद टीम ने यात्रियों की समस्या पर तत्काल संज्ञान लेकर संबंधित स्वास्थ्य इकाइयों एवं रेलवे अधिकारियों के समन्वय से सहायता उपलब्ध कराई।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का रायपुर रेल मंडल का वाणिज्य कंट्रोल में संचालित रेलमदद टीम यात्रियों की स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रेलमदद (RailMadad) प्लेटफॉर्म के माध्यम से चौबीसों घंटे त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रहा है। यात्रा के दौरान किसी भी यात्री की तबीयत खराब होने अथवा चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता होने पर रेलमदद के माध्यम से सूचना प्राप्त होते ही रेलवे के वाणिज्य एवं चिकित्सा विभाग एवं स्टेशन प्रबंधन की टीम समन्वित रूप से सक्रिय होकर संबंधित स्टेशन पर डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, आवश्यक दवाइयों तथा अन्य जरूरी चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करती है।
रेलमदद केवल शिकायत निवारण का माध्यम ही नहीं, बल्कि यात्रियों के लिए एक संवेदनशील एवं जीवनरक्षक सहायता प्रणाली के रूप में भी कार्य कर रही है। रायपुर रेल मंडल द्वारा उपलब्ध कराई गई चिकित्सा सहायता के दौरान अनेक ऐसे अवसर आए, जब समय पर की गई कार्रवाई ने यात्रियों एवं उनके परिजनों को बड़ी राहत प्रदान की है । सहायता प्राप्त करने वाले अनेक यात्रियों एवं उनके परिजनों ने रेलमदद प्लेटफॉर्म पर सकारात्मक प्रतिक्रिया (एसिलेंट फीड बैक) दर्ज करते हुए रेलवे कर्मचारियों की संवेदनशीलता, तत्परता एवं मानवीय दृष्टिकोण की सराहना की।
ट्रेन में यात्री को दवा उपलब्ध कराई
19 जुलाई को ट्रेन संख्या 17007 में यात्रा कर रही एक महिला यात्री को लूज मोशन की शिकायत होने पर दवा की आवश्यकता थी। रेल मदद स्टाफ द्वारा तत्काल संपर्क कर दुर्ग स्टेशन पर दवा की व्यवस्था कराई गई। यात्री द्वारा सहायता प्राप्त होने की पुष्टि की गई।
इसी प्रकार 23 जुलाई को ट्रेन संख्या 20845 में यात्रा कर रहे यात्री के सहयात्री को सिरदर्द, हल्का बुखार एवं सर्दी की शिकायत थी। रेल मदद के माध्यम से मामले की जानकारी रायपुर हेल्थ केयर यूनिट को दी गई और रायपुर स्टेशन पर यात्री को आवश्यक दवा उपलब्ध कराई गई।
गंभीर स्थिति में एंबुलेंस की व्यवस्था
30 जुलाई को ट्रेन संख्या 22358 में यात्रा कर रहे एक दिव्यांग यात्री को लकवे एवं शरीर में सुन्नपन की शिकायत होने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता थी। यात्री के दुर्ग स्टेशन पर उतरने की व्यवस्था करते हुए रेल मदद टीम ने संबंधित अधिकारियों को सूचना दी। दुर्ग स्टेशन पर एंबुलेंस की व्यवस्था कर यात्री को जिला अस्पताल भेजा गया।
3 अगस्त को ट्रेन संख्या 12854 अमरकंटक एक्सप्रेस में यात्रा कर रही एक महिला यात्री को तेज पेट दर्द की शिकायत हुई और रायपुर स्टेशन पर एंबुलेंस की आवश्यकता बताई गई। रेल मदद टीम द्वारा संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सा इकाई को सूचना देकर रायपुर स्टेशन पर एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई तथा यात्री को आगे के उपचार के लिए शासकीय अस्पताल भेजा गया।
जरूरतमंद यात्रियों को तत्काल चिकित्सा सहायता
19 अगस्त को ट्रेन संख्या 12146 पुरी-एलटीटी साप्ताहिक एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे यात्री को टिटनेस इंजेक्शन अथवा आवश्यक दवा की जरूरत होने की सूचना रेल मदद के माध्यम से प्राप्त हुई। मामले को तत्काल रायपुर हेल्थ केयर यूनिट तक पहुंचाया गया और यात्री को आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान की गई।
27 अगस्त को ट्रेन संख्या 12252 वैनगंगा सुपरफास्ट एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे यात्री द्वारा सैनिटरी पैड की आवश्यकता बताई गई। रेल मदद टीम ने तत्काल संबंधित चिकित्सा अधिकारी को सूचना दी और यात्री को सैनिटरी पैड उपलब्ध कराया गया।
10 सितम्बर को ट्रेन संख्या 20861 पुरी-अहमदाबाद साप्ताहिक एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे दो वर्षीय बच्चे को बुखार होने पर दवा एवं चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी। रेल मदद टीम ने मामले की सूचना रायपुर हेल्थ केयर हब को दी। रायपुर रेलवे स्टेशन पर बच्चे की जांच कर आवश्यक दवा उपलब्ध कराई गई।
इन मामलों में यात्रियों एवं उनके परिजनों द्वारा रेल मदद की त्वरित कार्रवाई एवं सहायता की सराहना की गई। कई यात्रियों ने अपनी प्रतिक्रिया में सहायता को तेज एवं संतोषजनक बताया। रायपुर रेल मंडल द्वारा यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की चिकित्सा अथवा अन्य आवश्यक सहायता की जरूरत होने पर रेल मदद सेवा रेलवे हेल्पलाइन 139 का उपयोग करें। सूचना प्राप्त होते ही रेलवे के वाणिज्य एवं संबंधित विभागों के समन्वय से एवं स्टेशन प्रबंधन की टीम समन्वित रूप से सक्रिय होकर संबंधित स्टेशन पर यथाशीघ्र सहायता उपलब्ध कराई जाती है ।