रायपुर, छत्तीसगढ़, 15 सितंबर 2026। गांड़ा महिला महामंच की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सावित्री जगत ने गांड़ा समाज के पावन महापर्व नुआखाई के अवसर पर छत्तीसगढ़ सहित देशभर में निवासरत गांड़ा समाज के सभी भाई-बहनों, मातृशक्ति, युवाओं और बच्चों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। श्रीमती सावित्री जगत ने अपने संदेश में कहा कि नुआखाई केवल नया अन्न ग्रहण करने का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, धरती माता, अन्नदाता और अपने कुल देवी-देवताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की हमारी महान सांस्कृतिक परंपरा है। यह पर्व हमें अपनी जड़ों, पूर्वजों, रीति-रिवाजों और सामाजिक भाईचारे से जोड़ता है।
उन्होंने कहा कि नुआखाई के पावन अवसर पर समाज के परिवार अपने कुल देवी-देवताओं की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सर्वप्रथम नया अन्न उन्हें अर्पित करते हैं और उसके बाद नवान्न ग्रहण करते हैं। छोटे अपने बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेते हैं और समाजजन एक-दूसरे से मिलकर “नुआखाई जुहार” करते हैं। यही हमारी संस्कृति की सुंदरता और सामाजिक एकता की ताकत है।
उन्होंने कहा, “नुआखाई के इस पवित्र अवसर पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि हमारे समाज की कोई बेटी शिक्षा से वंचित नहीं रहेगी, कोई महिला अपने अधिकार और सम्मान के लिए अकेली नहीं रहेगी और हम नशामुक्त, शिक्षित, संगठित तथा आत्मनिर्भर समाज के निर्माण के लिए मिलकर कार्य करेंगे।”
उन्होंने युवाओं से भी अपील करते हुए कहा कि आधुनिकता के साथ आगे बढ़ना आवश्यक है, लेकिन अपनी संस्कृति और पहचान को कभी नहीं भूलना चाहिए। हमारी नई पीढ़ी जितनी उच्च शिक्षा प्राप्त करे, उतना ही अपनी सामाजिक और सांस्कृतिक जड़ों से भी जुड़ी रहे।