आरंग(12.08.22)- लोधी समाज आरंग द्वारा हर साल की तरह इस साल भी भोजली उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया।भोजली सावन माह के नवमी तिथि को छोटे छोटे टोकरियो मे मिट्टी व राख डाल कर उसके ऊपर गेंहू, मुंग, धान व कई प्रकार के अन्न डाल कर बोई जाती है,जहां सूर्य का प्रकाश न पडता हो ऐसे कमरो मे रखा जाता है।
ऐसी मान्यता है कि भोजली जिस प्रकार उगती और बढ़ती है उसी के अनुसार किसानों की फसल होती है।आपको बता दे कि भोजली पर्व आरंग लोधी समाज द्वारा लगभग 120 वर्षो से अधिक समय से (पूर्वजो) के जमाने से मनाया जा रहा है।भोजली का विसर्जन राखी त्यौहार के दूसरे दिन भादो की प्रथम तिथि को किया जाता है।
विसर्जन यात्रा में लोधी समाज के हर वर्ग के लोग सैकड़ो की संख्या मे शामिल हुए।यह यात्रा ठकुरदिया पार से नया बिजली ऑफिस (मनियारा बाई चौक),लोधी पारा से होते हुए शीतला पारा पड़री तालाब पहुँची जहाँ भोजली की विधि विधान के साथ विसर्जित किया गया।

