छत्तीसगढ़

संभावित अतिवृष्टि एवं आपदा की स्थिति से निपटने जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने राहत एवं आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को दिए अलर्ट मोड में रहने के निर्देश

Written by mediampcg

संभावित अतिवृष्टि एवं आपदा की स्थिति से निपटने जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार

कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने राहत एवं आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को दिए अलर्ट मोड में रहने के निर्देश

बाढ़ संभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी, आवश्यकता पड़ने पर ऊंचे एवं सुरक्षित भवनों में ठहराए जाएंगे प्रभावित परिवार

बेमेतरा, 07 जुलाई 2026/ जिले में लगातार हो रही वर्षा तथा आगामी दिनों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। संभावित अतिवृष्टि, बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राहत एवं आपदा प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर सभी विभागों की तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य, विभागीय समन्वय, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता तथा नागरिकों की सुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

जन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, सभी अधिकारी रहें पूरी तरह सतर्क

कलेक्टर ने कहा कि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तत्परता एवं समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखने तथा संवेदनशील एवं बाढ़ संभावित क्षेत्रों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमानों पर सतत निगरानी रखी जाए तथा संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में समय रहते आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि अथवा संपत्ति की क्षति को न्यूनतम किया जा सके।

जरूरत पड़ने पर ऊंचे एवं सुरक्षित स्थानों पर किया जाए लोगों का अस्थायी पुनर्वास

कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी गांव या क्षेत्र में बाढ़ अथवा जलभराव जैसी स्थिति निर्मित होती है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की आवश्यकता पड़ती है, तो प्रभावित परिवारों को ऐसे शासकीय विद्यालय, छात्रावास, सामुदायिक भवन अथवा अन्य सुरक्षित भवनों में ठहराया जाए, जो ऊंचे स्थान पर स्थित हों तथा जहां पानी भरने की संभावना न हो। राहत शिविरों में पेयजल, भोजन, शौचालय, विद्युत, स्वच्छता एवं प्राथमिक उपचार जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं पहले से सुनिश्चित रखने के निर्देश भी दिए गए।

24×7 सक्रिय रहे कंट्रोल रूम, त्वरित राहत एवं बचाव पर विशेष जोर

बैठक में जिला नियंत्रण कक्ष को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने, किसी भी सूचना पर तत्काल राहत एवं बचाव दल को रवाना करने तथा सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक अधिकारी अपने क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए रखे।

राहत सामग्री, दवाइयों एवं आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश

कलेक्टर ने खाद्य विभाग को पर्याप्त खाद्यान्न एवं आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखने, स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाइयों, एम्बुलेंस एवं मेडिकल टीम तैयार रखने, पशुधन विभाग को पशुओं के उपचार एवं सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को बांधों, एनीकटों एवं जलाशयों की सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। विद्युत विभाग को संभावित आपदा की स्थिति में विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए आवश्यक संसाधन एवं टीम तैयार रखने के निर्देश दिए गए।इसके साथ ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पेयजल व्यवस्था, नगर निकायों को जल निकासी एवं साफ-सफाई, शिक्षा विभाग को आवश्यकतानुसार विद्यालय भवनों को राहत शिविर के रूप में तैयार रखने तथा राजस्व विभाग को राहत एवं पुनर्वास संबंधी सभी व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

आपसी समन्वय से करें कार्य, संवेदनशील क्षेत्रों पर रखें विशेष नजर
कलेक्टर ने कहा कि सभी विभाग एक-दूसरे के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करें तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता दें। नदी-नालों, पुल-पुलियों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी एवं जनजागरूकता के माध्यम से लोगों को सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया जाए।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती प्रेम, डिप्टी कलेक्टर, सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जिला सेनानी एवं कमांडेंट होमगार्ड, सभी तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, खाद्य अधिकारी, सिंचाई विभाग, पशुधन विकास विभाग, ऊर्जा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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