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राजीव लोचन मंदिर, राजिम में भव्य प्रातःकालीन भजन संध्या का आयोजन

Written by Kamlakar Yerpude

राजीव लोचन मंदिर, राजिम में भव्य प्रातःकालीन भजन संध्या का आयोजन

  1. राजिम (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ की धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी राजिम स्थित प्राचीन श्री राजीव लोचन मंदिर में आज प्रातः भगवान श्री राजीव लोचन के सान्निध्य में एक अत्यंत भावपूर्ण एवं आध्यात्मिक प्रातःकालीन भजन संध्या का आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर कमला देवी संगीत महाविद्यालय, रायपुर के छात्र-छात्राओं ने अपने मधुर स्वरों के माध्यम से भगवान श्री राजीव लोचन के चरणों में भक्ति अर्पित की।

यह आयोजन महाविद्यालय के विद्यार्थियों के गुरु एवं वरिष्ठ संगीत शिक्षाविद् डॉ. दीपक बेड़ेकर के कुशल निर्देशन में तथा आयोजन समिति के शरद चोपकर एवं श्री राजीव लोचन मंदिर समिति के अध्यक्ष पुरुषोत्तम मिश्रा जी के संयुक्त प्रयासों से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

प्रातःकालीन समय में इस प्रकार की संगठित भजन-भक्ति प्रस्तुति भगवान श्री राजीव लोचन के समक्ष शायद कई वर्षों बाद देखने को मिली, जिसने इस आयोजन को विशेष बना दिया।

लगभग दो से ढाई घंटे तक चले इस भक्ति आयोजन में 15 से 20 विद्यार्थियों ने भगवान श्रीराम से संबंधित भजनों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी। विशेष रूप से श्रीराम भक्ति पर आधारित रचनाओं ने वातावरण को पूर्णतः भक्तिमय कर दिया। कहीं पारंपरिक हिंदी भजन सुनने को मिले तो कहीं छत्तीसगढ़ी शैली में राम भक्ति की भावनात्मक अभिव्यक्ति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

भजन संध्या की शुरुआत कुमारी छाया मौसमी द्वारा भगवान श्रीराम के बाल रूप पर आधारित प्रसिद्ध भजन

“ठुमक चलत रामचंद्र”

से हुई, जिसने श्रोताओं को प्रारंभ से ही भक्ति रस में डुबो दिया।

इसके पश्चात वर्षा चतुर्वेदी ने

“सजा दो घर को गुलशन सा, अवध में राम आए हैं”

की सुमधुर प्रस्तुति दी।

पप्पू यादव ने “राम हो रामा” भजन प्रस्तुत कर वातावरण को और अधिक भक्तिमय बनाया।

ममता पटेल ने “हरि सुंदर हरि नारायण” भजन के माध्यम से श्रोताओं को भावविभोर किया।

महेश जी ने “शिव कैलाश के वासी, गौरी धाम के राजा” भजन से शिव-भक्ति की छटा बिखेरी।

जयंत चौहान ने “राम सिया राम, राम रटते रटते” भजन प्रस्तुत किया, वहीं

संदीप शर्मा ने “झलक पहले जैसी दिखानी पड़ेगी” भजन से भावपूर्ण प्रस्तुति दी।

सक्षम महोबिया द्वारा प्रस्तुत गणपति वंदना ने आयोजन में मंगलमय वातावरण का सृजन किया।

तुषार साहू ने “श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में” भजन की सशक्त प्रस्तुति दी।

इस भजन संध्या में हारमोनियम पर नितिन लुनिया, ढोलक पर जयंत चौहान एवं तुषार मिश्रा तथा गिटार पर वेद प्रकाश ठाकुर ने अत्यंत सुसंगत और भावानुकूल संगत कर कार्यक्रम को ऊँचाइयों तक पहुँचाया।

इस अवसर पर श्री राजीव लोचन मंदिर में दर्शन हेतु आए श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। सभी भक्तों ने इस दुर्लभ एवं आध्यात्मिक आयोजन की मुक्त कंठ से सराहना की और लंबे समय तक भजनों का रसास्वादन किया।

समग्र रूप से यह प्रातःकालीन भजन संध्या न केवल एक संगीत कार्यक्रम रही, बल्कि यह भगवान श्री राजीव लोचन एवं श्रीराम के प्रति समर्पित शुद्ध भक्ति, साधना और सांस्कृतिक चेतना का अनुपम उदाहरण सिद्ध हुई।

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