आरंग(10.08.22)- 09 अगस्त को पूरे देश भर में विश्व आदिवासी महोत्सव मनाया गया। इसी कड़ी में आदिवासी समाज के द्वारा आरंग में ब्लाक स्तरीय आदिवासी महोत्सव का आयोजन कृषि उपज मंडी आरंग में किया था। जिसके मुख्य अतिथि प्रदेश के नगरीय प्रशासन, विकास एवं श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया थे। मौसम खराब होने के कारण तेज बारीश होने के बाद भी आदिवासी समाज काफी उत्सा्ह एवं उमंग के साथ महोत्सव का आयोजन किये जिसमें पुरे ब्लाक के आदिवासी समाज के हजारों लोग, जागरूक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, समाज के वरिष्ठजन, युवा एवं नौजवान साथी तथा मातायें, बहने,व बच्चें पहुंचे हुवे थे। इसी बरते पानी के बीच आरंग क्षेत्र के विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया भी आदिवासी समाज के बीच महोत्सव मनाने उनके बीच पहुंच गये। मंत्री को अपने बीच पाकर आदिवासी समाज खुशी से झुमने लगे एवं हर्षोल्लास के साथ मंत्री का स्वागत किया।

कार्यक्रम में मंत्री डॉ. डहरिया ने आदिवासी समाज के इष्टदेव की पूजा अर्चना किया एवं हजारों की संख्या में उपस्थित समाज को सभा के माध्यम से सम्बोेधित भी किया। उन्होंने अपने सम्बोंधन में कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण आदिवासी राज्य के रूप में हुआ है। छत्तीसगढ़ की 33 प्रतिशत आबादी आदिवासी समाज से है। आदिवासी ही इस राज्य की पहचान है। यहां के आदिवासी परम्परा, जीवनशैली, कला संस्कृति एवं लोक मान्यताओं ने छत्तीसगढ़ को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई है। आदिवासी राज्य़ के रूप में पहचान पाने के बाद भी छत्तीसगढ़ में भाजपा के 15 साल के कार्यकाल में समाज को केवल ठगने का काम किया एवं निहत्थे आदिवासियों को नक्सली बता कर जेल में डाल दिया गया। आदिवासियों को घर छोड़ने के लिये मजबूर किया गया। आदिवासी नेतृत्व को कुचलने का काम छत्तीसगढ़ में भाजपा के शासन काल हुआ था।

आज विश्वि आदिवासी महोत्सव है आज का दिन आदिवासी भाई-बहनों का सम्मान करने का दिन है,लेकिन भाजपा का शीर्ष नेतृत्व ने आज हमारे प्रदेश के आदिवासी नेता को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा कर छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज का अपमान किया है।
प्रदेश में आज कांग्रेस की भूपेश बघेल की सरकार है। जिसने आदिवासी समाज के हित में पेशा कानून लागू करने का निर्णय लिया है एवं केबीनेट से मंजूरी प्रदान कर दी गई है। देश का यह सातवां राज्य है जिसने पेशा कानून लाने का निर्णय लिया है। जिसके तहत राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में अब ग्राम सभा की सरकार चलेगी। इस कानून के लागू हो जाने से प्राकृतिक संसाधनों जिसमें गौण खनिज, वनोपज के साथ जल, जंगल और जमीन शामिल है, का पूरा अधिकार ग्राम सभा को होगा। राज्य में 146 विकासखंडों में 85 आदिवासी विकासखंड है तथा राज्य की 32 प्रतिशत आबादी आदिवासी है। ऐसे में यह कानून निश्चित रूप से आदिवासी जनजाति समाज के लिये मील का पत्थकर साबित होगा। इसके साथ ही 4.5 लाख से अधिक वन अधिकार पट्टों का पुनरीक्षण कर पट्टा आबंटन शुरू किया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों का मानदेय 2500 से 4000 रूपया किया गया है। बस्तर में बायोटेक किसान हब की स्थापना किया गया है। लोहंडीगुड़ा में किसानों की अधिग्रहित जमीनें वापस किया गया। 7 से बढ़कर 62 लघु वनोपज का समर्थन मूल्य में खरीदी कांग्रेस की सरकार कर रही है। जनजाति विकास के लिये पृथक सचिवालय स्थापित किया गया है। मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की स्थापना की गई है। बस्तर एवं सरगुजा में कनिष्ठ चयन बोर्ड का गठन किया गया है। इसके अलावा और भी बहुत सारी योजनाये आदिवासी समाज के लिये कांग्रेस की भूपेश सरकार ले लाई है। इससे आने वाले समय में आदिवासी समाज के जीवन स्तर में सुधार आयेगा एवं विकास की मुख्य धारा में आदिवासी समाज सहभागी बनेगा।
आदिवासी समाज के मांग पर मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने आरंग में ब्लाक स्तरीय आदिवासी समुदायिक भवन निर्माण हेतु 25 लाख रूपये का घोषणा भी किये एवं ग्राम नरियरा में सीसी रोड़ निर्माण हेतु 5 लाख रूपये का भी घोषणा किया गया। उक्त कार्यक्रम में प्रमुख रूप से चन्द्रशेखर चन्द्राकर अध्यक्ष नगरपालिका आरंग, हेमलाल ध्रुव जिला अध्यक्ष आदिवासी ध्रुव गोड़ समाज रायपुर, कोमल सिंह साहू अध्यक्ष ब्लाक कांग्रेस आंरग, देवनाथ साहू अध्यक्ष कृषि उपज मंडी आरंग, बनवारी लाल ध्रुव उपाध्यक्ष, बुद्धेश्वर ध्रुव महासचिव, सुरेश ध्रुव कोषाध्यक्ष, ताराचंद ध्रुव सहसचिव, पंचुराम ध्रुव संचालक, योगेन्द्र ध्रुव संगठन मंत्री, ठाकुर राम ध्रुव लेखापाल, मनीराम ध्रुव अंकेक्षक, योगेन्द्र ध्रुव, प्रताप ध्रुव मिडिया प्रभारी, राजकुमार ध्रुव, चन्द्र्किशोर ध्रुव, डोमन सिंह ध्रुव सहित समस्त आदिवासी ध्रुव गोड़ समाज आरंग परिक्षेत्र के सदस्य उपस्थित थे।

