आरंग छत्तीसगढ़ संस्कृति

नवरात्रि विशेष: महिषासुर मर्दिनी के रूप में विराजमान है आरंग की माता चंडी

Written by Tukeshwar Lodhi

आरंग(30.09.22)- मंदिरों की नगरी के नाम से सुविख्यात नगर आरंग में जगह-जगह मंदिर देवालय स्थित है।वही नगर के चारों दिशाओं में आदि शक्ति माताओं की प्रतिमाएं विराजित हैं। जहां वर्षभर भक्तों का तांता लगा रहता है। इनमें से एक बागेश्वर पारा में स्थित है मां चंडी माता का मंदिर।

मंदिर के पुजारी मोहित तिवारी बताते हैं गर्भगृह में विराजमान माता की प्रतिमा महिषासुर मर्दिनी दुर्गा रुप में है। साथ में दाहिने ओर महालक्ष्मी व बाएं में मां सरस्वती है। तीनों प्रतिमाएं एक ही शिला में उत्कीर्ण की गई है। माता महिषासुर मर्दिनी की प्रतिमा अष्टभुजीय है जो हांथो में त्रिशूल, तलवार, खप्पर, ढाल, गदा, शंख व कमल फूल धारण की हुई है। वहीं मंदिर के मंडप में काले पत्थरों से निर्मित माता चंडी व जैन तीर्थंकर की प्राचीन प्रतिमा स्थापित हैं। मंदिर के मंडप में ही दाएं और बाएं ओर भगवान विष्णु की प्राचीन प्रतिमा है।सभी मूर्तियों का बहुत ही बारीकी से उत्कीर्णन किया गया है।
पश्चिमोन्मुखी यह मंदिर पूर्णतः पत्थरों से निर्मित है। मंदिर कितनी पुरानी है इसकी जानकारी लोगों को नहीं है। जनश्रुतियों के अनुसार काफी पुरानी बताई जाती है। मंदिर परिसर में ही एक प्राचीन कुंआ है जिसमें वर्ष भर पानी भरा रहता है।चैत्र व क्वार दोनों नवरात्र में मनोकामना दीप प्रज्वलित होती है।इस नवरात्र में यहां 84 मनोकामना ज्योत प्रज्वलित हो रही है।

                   (संकलन-महेंद्र पटेल)

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Tukeshwar Lodhi