आरंग: शिवसेना के रायपुर जिले के शिवसेना जिलामहासचिव राकेश शर्मा ने बताया कि हम शिवसेना छत्तीसगढ़ से हैं ,हम शिवसेना के प्रदेश प्रमुख धनंजय सिंह परिहार जी के नेतृत्व में हमें हमारे प्रदेश छत्तीसगढ़ में कार्य करते हुए आज लगभग ३८ वर्ष हो गए है , हमारा लगातार संघर्ष हिन्दू हित , प्रदेश हित और गरीब हित किसानों के हित के लिए रहा , हम हमारे प्रदेश की हित की मांगो को लेकर दिल्ली में पहले भी कई धरने कर चुके हैं इसलिए इस बार देश व प्रदेश की ज्वलंत समस्यायों के खिलाफ 20और 21 जुलाई दिल्ली में महाधरना प्रदर्शन करेंगे और राष्ट्पति व प्रधानमंत्री नाम से ज्ञापन भी सौंपेंगे। हमारा यह कहना है की इस समय काल में देश उस स्थिति में है जब उसका मोड़ ऐसा होना चाहिए जिससे आने वाले कई सदियों तक देश और हिन्दू धर्म बगैर किसी को नुक्सान के अपना परचम लहरा सके। शिवसेना के राकेश शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ शिवसेना के द्वारा इन मांगो को लेकर प्रदर्शन करेंगे-
• भारत को हिन्दुराष्ट्र घोषित करने और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबन्ध और मारने पर हत्या का मुकदमा पुरे देश दर्ज़ किया जाए इस आशय का कानून पारित किया जाए।
• समान नागरिक संहिता लागु किया जाए देश में सभी को सामान अवसर मिले इस आशय का कानून पारित किया जाए।
• सी ए ए और एन आर सी सारे देश के लिए इस आशय का कानून पारित किया जाए।
• जनसँख्या नियंत्रण कानून सारे देश सभी वर्गों में लागु किया जाए , कानून के उलंघन होने पर उनके समस्त अधिकार छीन लिए जाए जैसे पासपोर्ट , आधार , वोटर , लोन , सरकारी और प्राइवेट नौकरी भी जप्त किया जाये ,इस आशय का कानून पारित किया जाए।
• जनसँख्या अनुपात में धार्मिक स्थल निर्माण अधिनियम बना के लागु किया जाए , खुद के प्राइवेट स्थलों का भी धार्मिक दुरूपयोग के लिए प्रतिबंधित किया जाये , देश में ८ लाख मुस्लिम धर्म स्थल है जिनके अंदर और बाहर cctv केमेरे लगाए जाए इसी के साथ हिन्दू या अन्य धार्मिक स्थलों में भी cctv कैमरे लगाए जाए , इस आशय का कानून पारित किया जाए।
• धार्मिक स्थल किन्ही भी धर्मो के उनका दुरूपयोग देश या एकता के विरुद्ध होने पर उक्त स्थल की पूर्ण तालाबंदी साथ ही राजसात करण किया जाये ,इस आशय का कानून पारित किया जाए।
• सभी धार्मिल स्थलों को एक रूप देखा जाय , मदरसों को मौलवियों को सरकारी मदद बंद की जाये और विदेशी फंड पूर्ण रूपेण बंद किया जाये ,इस आशय का कानून पारित किया जाए।
• दंगो में शामिल दंगाइयों सख्त कार्यवाही जिसमे नागरिकता ख़तम करना , सरकारी मदद से उन्हें और उनके सारे घर को प्रतिबंधित करना , वोट का अधिकार निषेध करना , आजीवन कारावास की सजा दोषियों के ऊपर लागु कानून लागु करना ,इस आशय का कानून पारित किया जाए।


