RAIPUR NEWS: स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने जारी की विश्व भर के शीर्ष 2 % वैज्ञानिकों की सूची, एनआईटी रायपुर के 13 प्रोफेसर शामिल,लहराया विश्वस्तर पर संस्थान का परचम
रायपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के 13 प्रोफेसरों ने रिसर्च, इनोवेटिव आइडिया के बल पर दुनिया भर में अपना परचम लहराया है। स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से जारी की गई दुनिया के शीर्ष दो फीसदी वैज्ञानिकों की सूची में एनआईटी रायपुर के 13 प्रोफेसरों को शामिल किया गया है।
कैलिफोर्निया स्थित स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा एल्सेवियर आईसीएसआर लैब के माध्यम से विभिन्न मापदंडों व सूचकों को ध्यान में रखते हुए विज्ञान, प्रौद्योगिकी, रिसर्च और इनोवेशन के आधार पर आधुनिक वैज्ञानिकों व खोजकर्ताओं के भीतर वैज्ञानिक कौशल को अंतरनिर्विष्ट करने के प्रयास से सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सर्वोच्च शोधकर्ताओं द्वारा प्रदान कराई गई शीर्ष ऑथर डेटाबेस, एच इंडेक्स, को-ऑथरशिप, समायोजित एचएम-इंडेक्स व कंपोजिट इंडिकेटर (सी-स्कोर) की मानकीकृत सूचना की मदद से प्रतिवर्ष विश्व के शीर्ष 2 फीसदी वैज्ञानिकों की सूची जारी की जाती है।
इस बार सूची में संस्थान के विद्युत अभियांत्रिकी की विभाग प्रमुख और एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. अनामिका यादव, एसोसिएट प्रोफ़ेसर, डॉ. सचिन जैन व एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. सुभोजित घोष, जैव चिकित्सा अभियांत्रिकी के विभागाध्यक्ष और एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. बिकेश कुमार सिंह, सूचना प्रौद्योगिकी के एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. राकेश त्रिपाठी और सहायक प्रोफ़ेसर डॉ. चंद्रशेखर जटोथ, सहायक प्रोफ़ेसर, डॉ. गोविंद प्रसाद गुप्ता व सहायक प्रोफ़ेसर, डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार वर्मा, एप्लाइड जियोलॉजी के एसोसिएट प्रोफ़ेसर और विभागाध्यक्ष ,डॉ. डी. सी. झारिया, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफ़ेसर व विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप सिंह और एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. दिलीप सिंह सिसोदिया, जैव प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख, एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. अवनीश कुमार व एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. प्रतिमा गुप्ता के नाम शामिल हैं।
इस सूची में डॉ. अनामिका यादव का नाम तीसरी बार और डॉ सचिन जैन, डॉ दिलीप सिंह सिसोदिया, डॉ अवनीश कुमार,डॉ गोविंद प्रसाद गुप्ता का दूसरी बार आया है जो कि संस्थान के लिए गर्व का विषय है।
डॉ. दिलीप सिंह सिसौदिया का शोध कार्य मुख्य रूप से कंप्यूटिंग/मशीन लर्निंग तकनीक, डेटा माइनिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अवधारणाओं का उपयोग करके स्वास्थ्य सेवा में सुधार पर केंद्रित है। डॉ. प्रदीप सिंह की विशेषज्ञता के क्षेत्र में कंप्यूटर हार्डवेयर और आर्किटेक्चर शामिल हैं, जबकि डॉ. चन्द्रशेखर जटोथ, डॉ. राकेश त्रिपाठी और डॉ. गोविंद प्रसाद गुप्ता ने मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इमेज प्रोसेसिंग पर ध्यान केंद्रित किया है। डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार वर्मा की विशेषज्ञता के क्षेत्र में नेटवर्क और दूरसंचार की समझ शामिल है, जबकि डॉ. सुभोजित घोष और डॉ. सचिन जैन नवीकरणीय ऊर्जा के विकास और वृद्धि की दिशा में काम करते हैं। डॉ. अनामिका यादव इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के क्षेत्र में पावर सिस्टम सुरक्षा, माइक्रो ग्रिड और स्मार्ट ग्रिड आदि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के अनुप्रयोग के क्षेत्र में काम करती हैं। डॉ. बिकेश कुमार सिंह बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कम्प्यूटेशनल न्यूरोसाइंस, कंप्यूटर एडेड डायग्नोसिस और हेल्थकेयर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग के अनुप्रयोगों पर काम करते हैं, जबकि डॉ. प्रतिमा गुप्ता बायोमाइक्रोफ्लुइडिक्स, माइक्रोबियल उत्पादों और प्रक्रिया प्रौद्योगिकी आदि में काम करती हैं। डॉ. अवनीश कुमार के रोगाणुरोधी प्रतिरोध, दवा लक्ष्यीकरण, स्मार्ट दवा वितरण प्रणाली आदि के विश्लेषण ने जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र को समृद्ध करने में मदद की है। डॉ. दालचंद झारिया मुख्य रूप से जियोफिजिकल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रिमोट सेंसिंग और जीआईएस तकनीकों का उपयोग करके हाइड्रोजियोलॉजी में शोध कर रहे हैं।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर इस सूची में शामिल सभी प्रोफेसरों की हार्दिक सराहना करता है और आने वाले वर्षों में नित नए आयाम हासिल करने हेतु शुभकामनाएं देता है। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निसंदेह अपना योगदान बढ़ चढ़कर दे रहा है तभी इस वर्ष में शीर्ष दो फीसदी वैज्ञानिकों की सूची में यह संख्या विगत वर्ष के मुकाबले 7 से बढ़कर 13 हो गई है।