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लता जी का एक भक्त ऐसा भी

Written by Kamlakar Yerpude

लता जी का एक भक्त ऐसा भी

स्वर्णिम धरोहर लता फ़ाउंडेशन आयोजित करेगा राष्ट्रीय स्तर की भव्य गायन प्रतियोगिता

 

रायपुर/छत्तीसगढ़। फ़िल्म संगीत में गायिकी का पर्याय बन चुकी भारत रत्न लता जी को लोगों ने साक्षात् शारदा कहा है दुनिया भर में लोग उनके प्रति अपनी श्रद्धा और आदर अपने ढंग से अभिव्यक्त करते हैं मगर देश के ह्रदय स्थल छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के निवासी मनोज कुमार शर्मा के लिए लता जी इस धरा की ऐसी दिव्य गायिका हैं जिनके जैसा कोई दूसरा कलाकार युगों में भी शायद है जन्म ले.

मनोज शर्मा लता जी के और उनकी गायकी के अनन्य उपासक हैं…लता जी का स्वर उन्हें किसी और ही लोक और आयाम में ले जाता है….लता जी के और उनके स्वर से उन्हें अत्यंत लगाव है बल्कि कहना होगा अपार श्रद्धा है और उनमें मनोज जी को भी माँ शारदा का ही स्वरुप नज़र आता है ..,लता जी के प्रति अपने अगाध समर्पण के कारण ही उन्होंने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में तन-मन-धन से समर्पित होकर स्थापना की “स्वर्णिम धरोहर लता फ़ाउंडेशन की” जिसके तत्वावधान में भारत रत्न लता मंगेशकर जी को सम्मान देने हेतु उनकी पुण्य स्मृति में नवा रायपुर स्थित सत्य साईं संजीवनी ऑडीटोरियम में 20 और 21 दिसंबर को दो दिवसीय अखिल भारतीय गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है…पूरे देश से रायपुर पहुंचे 457 प्रतिभागियों में से चुने गए 40 प्रतिभागी 20 और 21 दिसंबर को ग्रूप में एक दूजे के साथ मुक़ाबला करेंगे और इन प्रतिभागियों की गायन प्रतिभा का जज के रूप में आंकलन करेंगे मुम्बई से विशेष रूप से पधारे फिल्म जगत के मशहूर वायलिन वादक , अरेंजर और संगीतकार श्री अमर हल्दीपुर.फिल्म प्रेमियों को महानायक अमिताभ बच्चन अभिनीत फिल्म शहंशाह का स्मरण होगा.. इस फिल्म के संगीतकार हैं अमर हल्दीपुर . अमर हल्दीपुर हिंदी सिनेमा की अनगिनत सुपरहिट फिल्मों के म्युज़िक अरेंजर रहें हैं और आने नामचीन संगीतकार अनिल बिस्वास के सुपुत्र उत्पल के साथ जोड़ी बनाकर कर अमर-उत्पल के नाम से कुछ फिल्मों में संगीत दिया है….अमर हल्दीपुर के अलावा गायक भूपिंदर सिंग की जीवन संगिनी जानी मानी ग़ज़ल गायिका श्रीमती मिताली सिंह और पार्श्व गायिका जयश्री शिवराम भी जज के रूप में इस आयोजन का हिस्सा बनेंगी….इनके अलावा इस अखिल भारतीय गायन प्रतियोगिता के विजेता को नामचीन संगीतकार और म्युज़िक अरेंजर श्री उत्तम सिंह जी द्वारा सम्मानित किया जाएगा.

आयेंगे लिम्का बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर मेरठ के गौरव शर्मा

इस कार्यंक्रम में शामिल होने वाली अन्य महत्वपूर्ण हस्तियाँ हैं मेरठ के गौरव शर्मा जिनके संग्रह में लता जी का गाया हर गीत है और जिनका नाम लिम्का बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल है , लता मंगेशकर जी के लिए लम्बे अरसे तक जन-संपर्क की ज़िम्मेदारी सँभालने वाले प्रीतम शर्मा भी मुंबई से आयोजन में शामिल होने के लिए रायपुर आयेंगे …20 दिसंबर के कार्यक्रम में शामिल होंगे मशहूर बांसुरी वादक डॉ.मुरलीधर नागराज और उनकी पत्नी श्रीमती तापसी नागराज जिन्होंने लता जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर पीएचडी की है

लताजी पर केंद्रित भव्य आर्ट गैलरी का भी होगा आयोजन

इस अवसर पर 21 दिसंबर को सत्य साईं संजीवनी ऑडीटोरियम में भारत रत्न लता मंगेशकर जी पर केन्द्रित एक आर्ट गैलरी का भी आयोजन किया जायेगा…विदित हो मध्य भारत में लता जी पर केन्द्रित , गायन प्रतियोगिता के रूप में इतना भव्य कार्यक्रम पहली बार आयोजित है और वो भी बिना किसी सरकारी या कॉर्पोरेट मदद के….इस पूरे आयोजन का श्री एक अकेले व्यक्ति के जूनून और लता जी के प्रति उनके समर्पण को जाता है और लता जी और लता जी की कला के प्रति अगाध श्रद्धा रखने वाले इस जुनूनी इंसान का नाम है मनोज कुमार शर्मा …मनोज लता जी के गीत कानों से सुनते नहीं बल्कि रूह से पीते हैं…लता जी का स्वर उनके लिए स्वर्ग से उतरी माँ गंगा समान है.

बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी हैं आयोजक मनोज कुमार शर्मा

मनोज कुमार शर्मा का व्यक्तित्व बहुआयामी है , वो ख़ुद बहुत अच्छे गायक हैं और प्रकृति और पशु प्रेमी हैं…प्रकृति में उनकी गहरी आस्था है और प्रकृति को वो साक्षात् शिव मानते हैं और शिव से ही संगीत है…वो सत्यम-शिवम्-सुन्दरम के दर्शन में गहरी आस्था रखते हैं लता जी ने अपने स्वर की रसमाधुरी बांटी और मनोज जी ओर्गेनिक फ़ार्मिंग के ज़रिये तरह-तरह के मीठे फल उगाकर लोगों में मिठास बांटते हैं…किसी बच्चे की तरह निश्छल ,उत्साहित मनोज शर्मा ने अपने जन्म के साथ ही मां को खो दिया था…बड़े हुए तो लता जी के स्वर ने इतना अधिक रूह को छुआ कि लता जी में उन्हें माँ की छवि दिखाई देने लगी और लता जी का स्वर , माँ का स्वर बन गया और लता जी और उनके स्वर से ये आत्मीय लगाव असीम श्रद्धा में बदल गया ..लता जी के जन्मदिवस पर उन्हें याद करते हुए वो अपना दिन जनसेवा में बिताते हैं…लता जी की पुण्य तिथि 6 फ़रवरी के दिन मनोज शर्मा अपनी संस्था “स्वर्णिम धरोहर लता फाउंडेशन” के तत्वावधान में “लता उत्सव” मनाते हैं और इस बार 6 फ़रवरी को हिंदी सिनेमा के नामचीन म्युज़िक अरेंजर और म्युज़िक

डायरेक्टर उत्तम सिंह के हाथों 20 और 21 दिसंबर की अखिल भारतीय गायन प्रतियोगिता के विजयी कलाकरों को पुरस्कृत किया जायेगा 

भारत रत्न लता मंगेशकर जी की स्मृति को मनोज शर्मा जिस अनूठे अंदाज़ में पूरे समर्पण के साथ चिरस्थायी बनाने का प्रयास कर रहे हैं उसके लिए शायर और गीतकार जावेद अख्तर,गायक सुरेश वाडकर , अनूप जलोटा , हरिहरन , शान , अनुराधा पौडवाल और सुप्रसिद्ध बांसुरी वादक पंडित हरिप्रसाद चौरसिया जैसी हस्तियाँ उनकी सराहना कर चुकी हैं .

मनोज कहते हैं लता जी क़ुदरत का करिश्मा थीं , उनका दिव्य स्वर इस क़ायनात में सदा गूंजता रहेगा…इस धरती पर अनगिनत गायक आयेंगे लेकिन लता जी जैसा और कोई न होगा…लता जी बेमिसाल थीं हैं और रहेंगी । मनोज यहीं रुकना नहीं चाहते वो तो छत्तीसगढ़ में लता जी को समर्पित एक पूर्ण विश्व विद्यालय की योजना पर भी काम कर रहे हैं…उनका कहना है लता जी जैसा कोई दूसरा नहीं होगा…उनकी कला को , उनके गीतों की विरासत को सहेजना और और आने वाली हर पीढ़ी तक इस अमूल्य विरासत को पहुंचाना ही उनका उद्देश्य और लक्ष्य है।

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Kamlakar Yerpude