रायपुर। कचना, अमलतास कैसल परिसर स्थित श्रीमुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर में समाधिस्थ संत आचार्यश्री विद्यासागर एवं वर्तमान आचार्यश्री समयसागर महाराज का अवतरण दिवस श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लासमय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने गुरुदेव के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए उनके आदर्शों, विचारों एवं जनकल्याणकारी कार्यों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। धार्मिक आयोजनों के साथ ही गौ-संवर्धन एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को निरंतर आगे बढ़ाने का भी श्रद्धालुओं ने संकल्प दोहराया।
मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष हिमांशु जैन ने इस प्रसंग पर कहा, गुरुदेव का जीवन त्याग, तपस्या, करुणा, स्वावलंबन और मानव कल्याण की प्रेरणा देता है। उनके विचार समाज को आत्मनिर्भरता, जीवदया व सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। इस पावन अवसर पर भाई सुरेश मोदी के मार्गदर्शन में आचार्यश्री के सानिध्य एवं प्रेरणा से जनहित में संचालित स्वावलंबन, हथकरघा तथा मूक प्राणियों की रक्षा एवं सेवा से जुड़े कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। विशेष रूप से गौवंश की रक्षा, सेवा एवं संवर्धन के उद्देश्य से संचालित ‘गौ संवर्धन योजना’ को और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प लिया गया।
योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि करना, देशी गायों का संरक्षण करना तथा दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। उपस्थित श्रद्धालुओं ने वर्तमान आचार्यश्री एवं संतों के दिशानिदेर्शों के अनुरूप इन जनकल्याणकारी गतिविधियों को आगे भी द्रुत गति से जारी रखने की शपथ ली। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आचार्यश्री के सिद्धांतों को केवल स्मरण करने तक सीमित न रखते हुए उन्हें सेवा, स्वावलंबन, जीवदया और समाज कल्याण के कार्यों के माध्यम से व्यवहार में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।