छत्तीसगढ़

विजयादशमी पर आस्था का सैलाब, डब्ल्युआरएस में जला 101 फीट का रावण

आकर्षक आकाशीय आतिशबाजी ने भीड़ को किया मुग्ध

सबसे बड़े उत्सव डब्ल्युआरएस समेत रावणभाठा, बोरियाखुर्द, बीटीआई ग्राउंड शंकरनगर, बूढ़ापारा सप्रे मैदान में धूं धूं कर जले रावण, मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतले

बुराई पर अच्छाई की जीत का दिया गया संदेश

150 साल से रावणभाठा में तो 71 साल से बीटीआई जीवंत है परम्परा

रायपुर। राजधानी रायपुर में विजयादशमी-दशहरा का पर्व मंगलवार को धूमधाम, श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। शहर के कोने-कोने में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों का दहन कर असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश दिया गया। राजधानी के सबसे विशाल डब्ल्युआरएस कॉलोनी दशहरा उत्सव में 101 फीट ऊंचाई के दशानन और मेघनाद-कुम्भकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। वहीं डब्ल्युआरए मैदान में इस बार रावण दहन व आतिशबाजी के प्रदर्शन के दौरान हुई भगदड़ ने जरूर लोगों का निराश कर दिया। वहीं अन्य स्थानों के उत्सव में हुई रंग-बिरंगी आकर्षक आतिशबाजी से रोशन आकाश का दृश्य देखते ही बना। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयघोष के साथ उत्सव का आनंद लिया।

डब्ल्युआरएस कॉलोनी: सीएम साय व गणमान्यों की रही उपस्थिति

56 साल की परम्परा, 101 फीट के रावण का दहन

डब्ल्युआरएस कॉलोनी में 56 वर्षों से चली आ रही गौरवशाली परम्परा के अनुरूप श्रीराम की विजय का प्रतीक दशहरा-विजयादशमी उत्सव भव्यता के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की गरिमामयी उपस्थिति में 101 फीट ऊंचे रावण का दहन किया गया। आयोजन में मुंबई-कोलकाता के कलाकारों द्वारा आकर्षक आकाशीय आतिशबाजी और 145 फीट के विशेष पटाखों का रोमांचकारी प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। इस अवसर पर विधायक पुरन्दर मिश्रा, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, सभापति सूर्यकांत राठौड़, पीयूष मिश्रा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

बोरियाखुर्द में भक्ति-संस्कृति और समरसता का संगम

बोरियाखुर्द खेल मैदान में दशहरा सांस्कृतिक महोत्सव समिति द्वारा पंचम वर्ष महोत्सव मनाया गया। 45 फीट के रावण और 30-30 फीट के कुंभकर्ण-मेघनाथ के पुतलों का दहन किया गया। दिनभर पतंग उत्सव, योग प्रदर्शन, सांस्कृतिक नृत्य, रामलीला मंचन और उज्जैन से आए भजन सम्राट सन्नी अलबेला की भजन संध्या हुई। अध्यक्ष गजेंद्र तिवारी ने युवाओं को भगवान राम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। मुख्य अतिथि सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, आरडीए अध्यक्ष नंद कुमार साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बीटीआई ग्राउंड खम्हारडीह में उमड़ा जनसैलाब

71 वर्षों से निरंतर हो रहा आयोजन

बीटीआई ग्राउंड में खम्हारडीह दशहरा एवं सांस्कृतिक समिति के आयोजन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु रावण दहन उत्सव का नजारा देखने उमड़े। यहां 71 वर्षों से लगातार दशहरा उत्सव मनाया जा रहा है। संयोजक अजित कुकरेजा ने कहा कि दशहरा अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेने का अवसर है। अध्यक्ष विजेन्द्र कुमार यादव ने युवाओं को संस्कृति के संरक्षण का आह्वान किया।

महाराष्ट्र मंडल में परम्परागत तरीके से रावण दहन

महाराष्ट्र मंडल में सचिव आचार्य चेतन गोविंद दंडवते और अजय पोतदार ने विधि-विधान से पूजा के बाद रावण दहन किया। रंगीन आतिशबाजी आकर्षण का केन्द्र रही। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, भवन प्रभारी दीपक किरवईवाले सहित बड़ी संख्या में सभासद और बच्चे उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ नगर में इलेक्ट्रिक रिमोट से दहन

छत्तीसगढ़ नगर के 19वें रावण दहन उत्सव में इस बार 45 फीट के रावण और 35-35 फीट के कुंभकर्ण-मेघनाथ के पुतलों का इलेक्ट्रिक रिमोट से दहन किया गया। आयोजन समिति के अध्यक्ष व पूर्व पार्षद देवेन्द्र यादव ने बताया, उत्सव देखने भारी भीड़ जुटी, शाम 4 बजे राम दरबार की जीवंत झांकी और कोलकाता की टीम द्वारा की जा रही आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र बनी रही।

रावणभाठा मैदान:

राजधानी का सबसे प्राचीन लगभग 150 वर्ष पुराना ऐतिहासिक दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष मनोज वर्मा और संयोजक सुशील ओझा के नेतृत्व में धूमधाम से मनाया गया। यहां दूर-दूर से लोग पहुंचे।

चौबे कॉलोनी दशहरा मैदान

दि रायपुर को-आॅपरेटिव हाउसिंग सोसायटी द्वारा 35 वर्षों से चौबे कॉलोनी दशहरा में मैदान में दशहरे पर रावण दहन का आयोजन किया जा रहा है। इस बार यहां शाम ठीक 6.30 बजे 40 फीट के रावण पुतले का दहन किया गया। मुख्य अतिथि विधायक राजेश मूणत रहे। जोन-7 अध्यक्ष श्वेता विश्वकर्मा विशेष अतिथि थे। आयोजकों के अनुसार इस उत्सव में करीब 30 हजार लोगों की भीड़ जुटी।

बूढ़ापारा सप्रे मैदान

यहां शाम 4 बजे भजन जेमिंग कार्यक्रम के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके बाद शाम 6 बजे श्रीराम की वेशभूषाधारी पात्र द्वारा तीर चलाकर 50 फीट के रावण पुतले का दहन किया गया। इस प्रसंग पर भव्य आतिशबाजी का दृश्य बड़ी संख्या में एकत्र श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।

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