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70 जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिये बने सहारा
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5 विद्यार्थियों की शिक्षा, 5 कम्प्यूटर, वाद्य शिक्षक, स्टेशनरी और शिशु वाटिका का भी होगा प्रबंध
रायपुर। भारत विकास परिषद, संकल्प शाखा रायपुर ने शिक्षा, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए देवेंद्र नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर को गोद लेकर विद्यालय की आवश्यकताओं की चरणबद्ध पूर्ति एवं उसके समग्र विकास में सहयोग करने का संकल्प लिया है। यह संकल्प विद्यालय के अध्यक्ष, सचिव, प्राचार्य एवं समस्त आचार्यगणों की उपस्थिति में लिया गया। इस पूरी परिकल्पना के सूत्रधार संकल्प शाखा के वरिष्ठ सदस्य डॉ. एस.के. शर्मा एवं उनकी धर्मपत्नी डॉ. राधा शर्मा रहे। संकल्प शाखा के सदस्यों ने विद्यालय की आवश्यकताओं को समझकर अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग की जिम्मेदारी स्वयं आगे बढ़कर स्वीकार की।
शाखा के वरिष्ठ सदस्य एवं मेकाहारा से सेवानिवृत्त हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.के. शर्मा ने कक्षा 7वीं-8वीं के पांच जरूरतमंद विद्यार्थियों की आगे की संपूर्ण शिक्षा का खर्च वहन करने का संकल्प लिया है। विद्यालय में वाद्य शिक्षक की आवश्यकता को देखते हुए उन्होंने एक वाद्य शिक्षक के मासिक वेतन की व्यवस्था करने का निर्णय भी लिया। साथ ही आवश्यक वाद्य यंत्र उपलब्ध कराने की दिशा में भी सहयोग किया गया है।
शाखा के एक सदस्य ने विद्यालय को वर्षभर आवश्यक समस्त स्टेशनरी का व्यय वहन करने की जिम्मेदारी ली है। वहीं परिषद के प्रांत संपर्क संयोजक एवं शाखा सदस्य दीपक लिख्मनिया ने विद्यालय के विद्यार्थियों की डिजिटल शिक्षा को सुदृढ़ करने हेतु पांच कम्प्यूटर सिस्टम प्रदान करने की घोषणा की है।
इस पहल का एक महत्वपूर्ण पक्ष आर्थिक रूप से अत्यंत जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ना है। परिषद के आग्रह पर विद्यालय प्रबंधन ने ऐसे बच्चों के लिए 70 सीटें आरक्षित करने पर सहमति व्यक्त की है, जिनके परिवार शुल्क वहन करने में सक्षम नहीं हैं। संकल्प शाखा के सदस्यों ने इन सभी 70 सीटों को पात्र बच्चों से भरने तथा उनकी फीस हेतु आवश्यक आर्थिक संसाधन जुटाने की जिम्मेदारी लेने का संकल्प व्यक्त किया है।
छोटे बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए शाखा द्वारा विद्यालय परिसर में ‘शिशु वाटिका’ विकसित करने की भी योजना बनाई गई है, जिसमें बच्चों के लिए आयु-अनुकूल खेलकूद एवं अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।
‘इस प्रकार यह पहल केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित न रहकर शिक्षा, संस्कार, संगीत, डिजिटल शिक्षा, खेल एवं जरूरतमंद बच्चों को अवसर; इन सभी पक्षों को समाहित करते हुए विद्यालय के समग्र विकास का प्रयास है।’
भारत विकास परिषद, संकल्प शाखा का भाव स्पष्ट है ‘किसी विद्यालय को गोद लेना केवल उसकी कमियां पूरी करना नहीं, बल्कि वहां पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य को संवारने की सामूहिक जिम्मेदारी स्वीकार करना है।’इस पुनीत संकल्प को साकार करने में शाखा के सदस्यों की स्वप्रेरित सहभागिता एवं प्रांत अध्यक्ष विनोद अग्रवाल का विशेष प्रयास उल्लेखनीय रहा।



