आधुनिकता के दौर में युवा पीढ़ी को समाज से जोड़ने का अभिनव प्रयास
हजारों रील में से सर्वश्रेष्ठ 30 रील का चयन कर उन्हें लाइव स्क्रीन पर दिखाया गया
देशभर से 750 से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा
इस अभिनव आयोजन का नाम गिनीज बुक आॅफ गोल्डन रिकार्ड के लिए चयनित
रायपुर। सामाजिक-धार्मिक संस्था ‘अकाल पुरख की फौज’ की छत्तीसगढ़ इकाई ने रविवार को सिमरन इंटरनेशनल, पंडरी में अखिल भारतीय स्तर पर एक अनूठी व अद्धभुत प्रतियोगिता ‘रील बनाओ-इनाम जीतो’ का आयोजन किया। धार्मिक विषय पर आयोजित इस प्रतियोगिता में देशभर के सिख समाज के बच्चों, महिलाओं और सभी उम्र के 750 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। इस अभिनव आयोजन का नाम गिनीज बुक आॅफ गोल्डन रिकार्ड के लिए चयनित हुआ। इस दौरान गिनीज बुक गोल्डन अवार्ड रिकार्ड के प्रतिनिधियों द्वारा संस्था प्रमुखों को यह अवार्ड प्रदान किया गया। इस पूरे आयोजन की रूपरेखा अध्यक्ष अमरजीत सिंग दत्ता द्वारा तैयार की गई थी। प्रमुख अतिथि रूप में बलदेव सिंह भाटिया, गुरमुख सिंह होरा, जगजीत सिंह खनूजा, अमरजीत सिंह दुआ, प्रीतपाल सिंह होरा, जी.एस. भामरा, गुरप्रीत सिंह शिमलावाले सम्मिलित हुए।
अकाल पुरख की फौज के वरिष्ठजन गुरमुख सिंह होरा, जगजीत सिंह खनुजा, प्रीतपाल सिंह होरा, परविन्दर सिंह भाटिया, जी.एस. भामरा व तरनजीत सिंह होरा ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि आज के इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया के दौर में अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का एवं अपनी बातों को जनमानस तक पहुंचाने का रील एक सशक्त माध्यम है इन्हीं बातों को मद्देनजर रखते हुए यह आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों से पूर्णत: धार्मिक विषय पर आधारित अधिकतम 90 सेकेंड की रील बनवाई गई थी। रील के विषय प्रमुख रूप से सिख गुरुओं के इतिहास, देश-विदेश में बने हुए गुरुद्वारों की जानकारी, पंजाब एवं पंजाबी संस्कृति और सिख योद्धाओं की गाथाओं पर निर्धारित किए गए थे। इस कार्यक्रम में संपूर्ण सिक्ख समाज के लोगों ने इस आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
समाज के वरिष्ठ प्रीतपाल सिंह होरा व हरमीत सिंह होरा ने बताया, इस रील बनाओ प्रतियोगिता का मकसद समाज की आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास की जानकारी देना एवं गुरु घर से, सेवा सिमरन से जोड़ना रहा। रायपुर से बाहर से आने वाले सभी प्रतिभागियों को सभी तरह की सुविधाएं यहां नि:शुल्क उपलब्ध कराई गर्इं और प्रतियोगिता का समापन दोपहर भोज के साथ हुआ।
दलजीत सिंह गुरुदत्ता खरियार रोड विंग अध्यक्ष बने
इस अवसर पर खरियार रोड विंग की नई टीम का गठन भी किया गया, जिसके अध्यक्ष की कमान दलजीत सिंह गुरुदत्ता को सर्वसम्मति से सौंपी गई।
पांच सदस्यीय चयन समिति में ये रहे शामिल
हजारों रील में से सर्वश्रेष्ठ 30 रील का चयन किया गया और उन चयनित रील्स को इस मौके पर लाइव स्क्रीन पर दिखाया भी गया। विजेता रील का चयन 05 सम्मानित निर्णायक पैनल की टीम में नीना होरा, बलदेव सिंघ भाटिया, गुरप्रीत सिंघ रागी जत्था शिमला वाले, मिलियन फॉलोवर्स की उपलब्धिप्राप्त दिल्ली के रमनीक सिंह और गुरसिमर सिंग शाहबाद मरकंडा वाले शामिल थे।
1 लाख 1 हजार रुपए का प्रथम पुरस्कार
साढ़े 3 साल के बालक हरमन सिंह को
सिमरन होटल्स ग्रुप के चेयरमैन प्रीतपाल सिंह होरा व आयोजक संस्था के चेयरमैन तरनजीत सिंह होरा ने बताया, 1 लाख 1 हजार रुपए का प्रथम पुरस्कार दिल्ली के मात्र साढ़े 3 साल के बालक हरमन सिंह को प्राप्त हुआ। यह बालक स्वयं ब्लागर भी है, जिसके 15 लाख फालोवर हैं।
51 हजार रुपए राशि का द्वितीय पुरस्कार पंडरिया-छत्तीसगढ़ की सुष्मित कौर सलूजा को मिला। द्वितीय विनर्स सुष्मित कौर लोकप्रिय सितार वादिका भी है, उन्हें सितार वादन में विशेष महारत भी हासिल है। वहीं 21 हजार रुपए राशि का तृतीय पुरस्कार 26 वर्षीय मनप्रीत कौर संधू को प्रदान की गई।
वहीं उत्तम रील्स के लिए सांत्वना पुरस्कार के रूप में 05 प्रतिभागियों को 5100/- की राशि प्रदान की गई। साथ ही सर्वश्रेष्ठ 30 रील निर्माता को स्मृति चिन्ह व प्रमाण पत्र वितरीत किए गए। इसके अलावा प्रतियोगिता में शामिल सभी रील्स को सोशल मीडिया पर जारी कर उन्हें प्रसारित भी किया जाता रहा।



