छत्तीसगढ़ रायपुर शिक्षा

एनआईटी रायपुर में डाटा साइंस विषय के तहत “ एआई और डाटा साइंस बेस्ट इमर्जिंग ट्रेंड्स इन अर्थ साइंस” पर अटल एफडीपी का आयोजन, दुसरे हफ्ते प्रतिभागियों ने किया जे. के. लक्ष्मी सीमेंट माइंस का दौरा

Written by Tukeshwar Lodhi

रायपुर(15.11.22)- राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर में 7 नवंबर से 18 नवंबर 2022 तक अटल फ्यूचर डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया जा रहा है । एफडीपी का आयोजन संस्थान के कम्पुटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग और सूचना प्रोद्योगिकी विभाग द्वारा एआईसीटीई के साथ मिलकर संयुक्त रूप से किया जा रहा है । एफडीपी प्रोग्राम की मुख्य संरक्षक एनआईटी की निदेशक(प्रभारी) डॉ. ए. बी. सोनी है। दिनांक 14.11.2022 , सोमवार को इस एफडीपी के दुसरे हफ्ते का शुभारम्भ हुआ , जिसके मुख्य अतिथि पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. राजीव चौधरी रहे एवं एनआईटी रायपुर के सतत शिक्षा प्रकोष्ठ (सीईसी) के प्रमुख डॉ. एस. घोष विशिष्ट अतिथि के रूप मैं मौजूद रहे। इस एफडीपी के समन्वयक कम्पुटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. नरेश कुमार नागवानी और सूचना प्रोद्योगिकी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. मृदु साहू है ।

एफडीपी का आयोजन 7 से 12 नवंबर तक ऑनलाइन मोड में और 14 नवंबर से 18 नवम्बर तक ऑफलाइन मोड में होगा|कार्यक्रम की शुरुआत मैं डॉ. एस. घोष ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया एवं एफडीपी के बारे में अपने बहुमूल्य सुझाव दिए । सूचना प्रोद्योगिकी विभाग के एचओडी डॉ. आर. के. त्रिपाठी ने संबंधित विषय का विस्तृत वर्णन किया और कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी समन्वयकों को बधाई दी।

डॉ. नरेश कुमार नागवानी ने अटल अकादमी को धन्यवाद दिया और कामना की कि सभी प्रतिभागी इस कार्यक्रम से लाभान्वित हों। डॉ. मृदु साहू ने एफडीपी के दूसरे सप्ताह के कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी और धन्यवाद प्रस्ताव के साथ उद्घाटन का समापन किया।

एफडीपी के दुसरे सप्ताह मैं सर्वप्रथम डॉ. राजीव चौधरी ने जीवन और तनाव प्रबंधन पर व्यक्तव्य दिया। जिसके बाद सभी प्रतिभागियों को जे. के. लक्ष्मी सीमेंट क्षेत्र का दौरा कराया गया, इस दौरान जे. के. लक्ष्मी सीमेंट के उपप्रबंधक(खनन), श्री शंभूपाल ने खानों के कामकाज और संचालन के बारे में बताया, जिन्हें खान के वरिष्ठ महाप्रबंधक श्री बी.एल. भाटी के दृष्टिकोण में स्थापित किया गया है । कार्यक्रम में अनुप्रयुक्त भूविज्ञान के सहायक प्रोफेसर डॉ. डी. सी. झरिया भी मौजूद रहे । सभी प्रतिभागियों ने इस दौरा कार्यक्रम का भरपूर आनंद लेते हुए महत्वपूर्ण अनुभव हसिल किया |

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