बालाघाट मध्यप्रदेश

स्वच्छता का मॉडल बनी बालाघाट नगरी, हर सुबह घर-घर पहुंच रही कचरा गाड़ी

  • नगर पालिका परिषद निभा रही प्रशंसनीय और प्रेरणास्पद भूमिका
  • हर सुबह-हर मोहल्ले में गूंजने लगे स्वच्छता के गीत
  • सीटी और गीत कानों में पड़ते ही लोग आ जाते हैं गाड़ी के करीब
  • हर नागरिक निभा रहे स्वच्छता में सहभागिता, गाड़ीवाले को देते हैं अपने घर का गीला और सूखा कचरा
  • सुंदरता की मिशाल बना शहर: कबाड़ से जुगाड़, आकर्षक पार्क, मूर्तियां और टॉय ट्रेन खींच रहे ध्यान

बालाघाट। महाराष्ट्र से लगी सीमा पर स्थित बालाघाट जिले में स्वच्छता अभियान बड़े जोर शोर से चल रहा है स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के तहत बालाघाट नगर परिषद शहर को स्वच्छ सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए लगातार नवाचार कर रही है। घर-घर से गीला और सूखा कचरा हर दिन-हर सुबह एकत्र किया जा रहा है। वहीं जन भागीदारी से इस स्वच्छता अभियान को सफल बनाते हुए नगर पालिका परिषद, बालाघाट को एक स्वच्छता के मॉडल शहर रूप में प्रस्तुत करने में सफल हुई है। शहर में कबाड़ से जुगाड़, आकर्षक पार्क, मूर्तियां और टॉय ट्रेन जैसे पहले भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। स्वच्छता और जन भागीदारी के संगम से बालाघाट नगर पालिका शहर को नई पहचान देने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। साथ ही स्वच्छता अभियान में बालाघाट के नागरिक अपनी पूरी सहभागिता निभा रहे हैं।

पालिका परिषद ने शहर में किया गजब का सौंदर्यीकरण
सफाई के साथ शहर के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। मोती गार्डन में टॉय ट्रेन का निर्माण, पुराने टायरों से बनाए गए आकर्षक गमले, कबाड़ से जुगाड़ की थीम पर तैयार हिरण, पक्षियों की कलाकृतियां और सड़कों पर बनाए गए आकर्षक एनिमल मॉडल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि स्वच्छता और सौंदर्यीकरण की पहलों से बालाघाट पहले से अधिक सुंदर, व्यवस्थित दिखाई दे रहा है।

हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है: परिषद अध्यक्ष भारती सुरजीत सिंह ठाकुर
नगर पालिका परिषद बालाघाट की अध्यक्ष भारती सुरजीत सिंह ठाकुर ने बताया कि नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रही है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे जिला और सूखा कचरा अलग-अलग रखें। कचरा इधर-उधर ना फेंकें और केवल निर्धारित कूड़ेदान का ही उपयोग करें। नगर पालिका का कहना है कि स्वच्छता की शुरूआत प्रत्येक घर से होती है और इसमें हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा, नगर पालिका परिषद के इस स्वच्छता अभियान में स्वास्थ्य व सफाई विभाग अधिकारी माहिल आहाके समेत सभी वार्डों के पार्षद और सुपरवाइजर्स अपनी महती भूमिका निभा रहे हैं। इसी तरह परिषद को हर नागरिक से भी यही अपेक्षा है कि इस स्वच्छता अभियान में वे अपनी भागीदारी निभाकर शहर को स्वच्छ-सुंदर बनाने में अपना योगदान दें।

पृथक्करण कर कचरे से बनाई जा रही खाद: सीएमओ सूर्य प्रकाश उके
बालाघाट नगर पालिका परिषद के सीएमओ सूर्य प्रकाश उके ने बताया, हमारे जो नगर में हमारे द्वारा घरों पर जाकर हमारा कचरा वाहन द्वारा गीला कचरा-सूखा कचरा अलग-अलग पृथक रूप से लिया जाता है। हमारे वाहनों द्वारा कचरे का सेग्रीगेशन कर हमारे श्रमिकों द्वारा अलग-अलग पृथक्करण कर कंपोस्टिंग पीट में डालकर खाद के रूप में उसे परिवर्तित किया जा रहा है। अलग-अलग स्थानों पर कंपोस्टिक पीट का निर्माण किया जा रहा है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के अंतर्गत हमारे द्वारा कार्यशालाएं आयोजित कर सभी को अवेयर किया जा रहा है कि आप गीला कचरा, सूखा कचरा अलग-अलग हमारे वाहनों को प्रदान करें।

मेरा एरिया अब है सबसे साफ-सुथरा: कमलेश शर्मा
शहरवासी कमलेश शर्मा ने कहा, पिछले 5 सालों से मैं इस मोहल्ले मैं रहता हूं और नगर पालिका की कचरा गाड़ी डेली आती है बिना रुकावट के और बालाघाट का यह एरिया सबसे साफ-सुथरा एरिया है और जब गाड़ी आती है तो हम सूखा और गीला कचरा अलग-अलग रखते हैं और उसका निष्पादन ये स्वच्छता कर्मचारी शहर के बाहर करते हैं।

सुबह-सवेरे हर दिन आती है कचरा गाड़ी: रामसिंह नागपुरे
बालाघाट के एक नागरिक राम सिंह नागपुरे ने हमें बताया, स्वच्छता अभियान के अंतर्गत नगर पालिका परिषद बालाघाट से कचरा उठाने वाली गाड़ी प्रतिदिन आती है। गाड़ी में अलग-अलग बने हुए ब्लॉक में सूखा और गीला कचरा अलग-अलग डाल दिया जाता है। प्रतिदिन शहर के हर मोहल्ले में सुबह-सवेरे कचरा गाड़ी आती है। प्रधानमंत्री मोदीजी ने जो स्वच्छता अभियान शुरू किया है, वह लगातार हमारे बालाघाट शहर में निरंतर चल रहा है। इसीलिए हम मोदीजी का बहुत-बहुत धन्यवाद देते हैं।

नगर पालिका की सर्विस बहुत अच्छी है: गृहिणी महिमा राठौर
वहीं एक गृहिणी महिमा राठौर ने कहा, हमारे यहां नगर पालिका की सर्विस बहुत अच्छी है। कचरा गाड़ी वाले स्वच्छता मित्र रोज आते हैं। कभी भी कोई भी गंदगी नहीं पाई जाती है वार्ड में। और गीला कचरा-सूखा कचरा हम सब अलग-अलग डिब्बे में डालते हैं। सफाई का हमारे मोहल्लेवासी वार्डवासी पूरा ध्यान रखते हैं। गीला व सूखा कचरा पृथक्करण से स्वच्छता की रफ्तार बढ़ी है।

अब रोज उठता है कचरा: महेंद्र सिंह
बालाघाट के महेंद्र सिंह ने कहा, स्वच्छता के लिए हर रोज कचरे की गाड़ी आती है। सूखा कचरा और गीला कचरा अलग-अलग दिया जाता है। 15 साल पहले गाड़ी नहीं आ पाती थी तब कचरा रहता था, लेकिन अब नियमित गाड़ियां आ रही हैं और कचरा रोज उठता है।

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