खाद्य मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस: धान खरीदी, राशन व्यवस्था और ग्रेन एटीएम की उपलब्धियां गिनाईं
रायपुर, 18 अगस्त 2026। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की उपलब्धियों को लेकर आज आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में खाद्य मंत्री ने विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों और आगामी दो वर्षों की कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य के निवासियों के लिए खाद्यान्न की पर्याप्त मात्रा तथा आहार की अन्य आवश्यकताओं की पहुंच सुनिश्चित करते हुए उन्हें सम्मानजनक जीवनयापन के लिए उचित मूल्य पर खाद्य एवं आहार सुरक्षा उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम 2012 के तहत राज्य में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था प्रभावशील है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली का प्रभावी क्रियान्वयन, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, आम उपभोक्ताओं के लिए सही माप-तौल की वस्तुएं उपलब्ध कराना तथा उपभोक्ताओं के अधिकारों का संरक्षण विभाग के प्रमुख दायित्वों में शामिल है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली में विस्तार
राज्य में जनवरी 2024 में 77 लाख राशनकार्ड प्रचलित थे, जिनमें 2.69 करोड़ सदस्य पंजीकृत थे। उस समय राज्य की लगभग 86 प्रतिशत आबादी को रियायती दर पर चावल उपलब्ध कराया जा रहा था। वर्तमान में कुल 83.36 लाख राशनकार्ड प्रचलित हैं, जिनमें 2.73 करोड़ सदस्य पंजीकृत हैं। वर्तमान में राज्य की लगभग 87 प्रतिशत जनसंख्या को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
विगत तीन वर्षों में लगभग 10.44 लाख नए राशनकार्ड जारी किए गए तथा 16.93 लाख नए सदस्यों को राशनकार्ड में जोड़ा गया है।
नवीन उचित मूल्य दुकानों का आबंटन
राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वर्तमान में 14,182 शासकीय उचित मूल्य दुकानें संचालित हैं। विगत तीन वर्षों में 445 नवीन उचित मूल्य दुकानों का आबंटन किया गया है।
राशनकार्ड नवीनीकरण
जनवरी 2024 में प्रचलित कुल 77.10 लाख राशनकार्डों में से 73.94 लाख राशनकार्डों का नवीनीकरण कराया गया है।
चावल वितरण
वर्तमान में राज्य के 83.36 लाख राशनकार्डधारी परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। जनवरी 2024 से जुलाई 2026 तक राशनकार्डधारियों को 74.89 लाख टन चावल का वितरण किया गया है।
बस्तर संभाग में गुड़ वितरण
बस्तर संभाग के 7.97 लाख राशनकार्डधारियों को जनवरी 2020 से प्रतिमाह 2 किलो गुड़, 17 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। जनवरी 2024 से जुलाई 2026 तक 26,723 टन गुड़ वितरित किया गया है।
चना वितरण
राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों एवं माड़ा क्षेत्र के अंत्योदय एवं प्राथमिकता परिवारों को 5 रुपये प्रति किलो की दर पर प्रतिमाह 2 किलो चना उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में लगभग 31.64 लाख परिवार इससे लाभान्वित हो रहे हैं। जनवरी 2024 से जुलाई 2026 तक 1.43 लाख टन चना वितरित किया गया है।
नमक एवं शक्कर वितरण
राज्य में वर्तमान में 74.46 लाख राशनकार्डधारी परिवारों को रिफाइन्ड आयोडाइज्ड नमक का लाभ मिल रहा है। जनवरी 2024 से जुलाई 2026 तक 2.69 लाख टन नमक वितरित किया गया है।
अंत्योदय एवं प्राथमिकता परिवारों को प्रतिमाह 1 किलो शक्कर 17 रुपये प्रति किलो की उपभोक्ता दर पर उपलब्ध कराई जा रही है। जनवरी 2024 से जुलाई 2026 तक 1.95 लाख टन शक्कर का वितरण किया गया है।
चावल उत्सव
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन सामग्री वितरण की नियमित निगरानी के लिए वर्ष 2008 से चावल उत्सव की शुरुआत की गई है। चावल उत्सव के आयोजन से राशनकार्डधारियों को समय पर राशन सामग्री प्राप्त होने के साथ-साथ वितरण व्यवस्था की निगरानी भी सुनिश्चित होती है।
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की शुरुआत
छत्तीसगढ़ के पहले तीन अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम रायपुर, दुर्ग एवं बिलासपुर में संचालित किए जा रहे हैं। इनका संचालन 8 अगस्त 2026 से प्रारंभ हुआ है।
हितग्राही राशनकार्ड नंबर अथवा आधार नंबर दर्ज कर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से 24 घंटे खाद्यान्न प्राप्त कर सकते हैं। आगामी समय में राज्य के अन्य जिलों में भी ग्रेन एटीएम स्थापित किए जाएंगे।
शहरी गैस वितरण व्यवस्था
राज्य में शहरी गैस वितरण व्यवस्था लागू करने के लिए आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ की गई है। CGD पॉलिसी 5 मई 2026 से प्रभावशील है।
इसके माध्यम से PNG के जरिए घरों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक रसोई गैस तथा CNG के माध्यम से वाहनों के लिए प्राकृतिक गैस उपलब्ध कराई जाएगी। वर्तमान में रायपुर एवं महेन्द्रगढ़ के कुछ घरों में PNG की आपूर्ति प्रारंभ हो चुकी है।
आगामी छह माह में सात अन्य नगरों में इसका विस्तार किया जाएगा। वर्ष 2030 तक प्रदेश के 42 लाख घरों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।
नियद नेल्लानार योजना 2.0
नियद नेल्लानार योजना 2.0 के अंतर्गत राज्य के 10 जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में 11.41 लाख राशनकार्डधारी परिवारों को प्रतिमाह उनकी पात्रता के अनुसार खाद्यान्न, चना, शक्कर, नमक एवं गुड़ वितरित किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
राज्य में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत अब तक 39 लाख महिलाओं को गैस कनेक्शन जारी किए गए हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 3.0 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ गैस कनेक्शन वितरण के मामले में देश का चौथा अग्रणी राज्य है।
समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन
किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए धान उपार्जन व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। वर्ष 2023 से धान उपार्जन की सीमा 15 क्विंटल प्रति एकड़ से बढ़ाकर 21 क्विंटल प्रति एकड़ कर दी गई है। वहीं धान की राशि 2300 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 3100 रुपये प्रति क्विंटल की गई है।
लगभग 25 लाख किसानों को समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का लाभ प्राप्त हुआ है।
खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में 2739 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से 25.49 लाख किसानों से रिकॉर्ड 149.25 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 2740 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से 25.24 लाख किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया।
वर्ष 2024-25 में 25.49 लाख किसानों को समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत कुल 46,289 करोड़ रुपये अंतरित किए गए। वहीं खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25.24 लाख किसानों को कुल 43,723 करोड़ रुपये अंतरित किए गए।
धान खरीदी के लिए सभी 2740 उपार्जन केंद्रों में पारदर्शी टोकन प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, नमी मापक यंत्र, बारदाना एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गईं। बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से धान खरीदी और आधार सत्यापन से फर्जी धान उपार्जन पर नियंत्रण किया गया।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 9.73 लाख क्विंटल अवैध धान का परिवहन जब्त किया गया, जिससे शासन को लगभग 301.89 करोड़ रुपये की बचत हुई। डिजिटल नवाचारों के माध्यम से शासन को लगभग 4000 करोड़ रुपये की प्रत्यक्ष बचत हुई।
खरीफ वर्ष 2026-27 में धान खरीदी के लिए किसान पंजीयन 1 जुलाई 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित किया गया है। एग्रीस्टेक आईडी युक्त विगत वर्ष के पंजीकृत किसानों को धान विक्रय के लिए मान्य किया गया है।
खाद्यान्न भंडारण क्षमता का विस्तार
विगत तीन वर्षों में प्रदेश के 27 जिलों के 55 स्थानों पर 2.94 लाख मीट्रिक टन क्षमता वाले नवीन गोदामों का निर्माण पूर्ण किया गया है।
वर्तमान में 8 जिलों के 13 स्थानों पर 89,088 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम निर्माण कार्य प्रगतिरत हैं।
विधिक माप विज्ञान में सुधार
छत्तीसगढ़ विधिक मापविज्ञान (प्रवर्तन) नियम, 2011 में प्रस्तावित संशोधनों के माध्यम से व्यापार सुगमता, अनुपालन सरलीकरण तथा पारदर्शिता को बढ़ावा देने की पहल की गई है। इसके तहत ऑनलाइन पंजीयन एवं स्व-घोषणा आधारित प्रक्रिया लागू की जाएगी।
उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की उपलब्धियां
उपभोक्ताओं को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ई-हियरिंग सेवा भारत में पहली बार छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा प्रारंभ की गई है। वर्तमान में यह सुविधा 18 जिलों में उपलब्ध है।
अक्टूबर 2023 से जुलाई 2026 की अवधि में राज्य उपभोक्ता आयोग को प्राप्त 2,058 शिकायतों में से 1,720 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इस अवधि में लगभग 84 प्रतिशत निपटान दर प्राप्त हुई।
इसी अवधि में जिला उपभोक्ता आयोगों द्वारा कुल 10,891 मामलों का निपटारा किया गया।
अक्टूबर 2023 से जुलाई 2026 के दौरान कुल शिकायतों में 16.88 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि निर्धारित की गई, जिसमें से 16.02 करोड़ रुपये प्रभावित पक्षकारों को भुगतान की जा चुकी है।
आगामी दो वर्षों की कार्ययोजना
खाद्य विभाग द्वारा आगामी दो वर्षों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य किया जाएगा। इनमें—
स्मार्ट-PDS/सार्थक PDS योजना का क्रियान्वयन।
ऑफलाइन उचित मूल्य दुकानों को ऑनलाइन करना।
राज्य के अन्य जिलों में ग्रेन एटीएम की स्थापना।
खाद्यान्न भंडारण क्षमता का और विस्तार।
सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन व्यवस्था का विस्तार
इसके अतिरिक्त आगामी दो वर्षों में 12 जिलों में PNG गैस उपलब्ध कराने की कार्ययोजना तैयार की गई है।
खाद्य मंत्री ने कहा कि विभाग का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, सुगम एवं तकनीक आधारित बनाना है, ताकि प्रदेश के प्रत्येक पात्र परिवार, किसान और उपभोक्ता को योजनाओं का समय पर लाभ मिल सके।



