भगवान भक्तों के वश मे सदा रहते हैं: गोपाल शरण महाराज
रायपुर। श्री खाटू श्याम मंदिर समता कालोनी में आयोजित श्री मद् भागवत कथा के अंतर्गत व्यास पीठ से श्रीगोपाल शरण महराज ने कर्म, उपासना, ज्ञान और भक्ति की महिमा समझाते हुए भक्ति को सर्वश्रेष्ठ बताया। उन्होंने कहा कि भगवान भक्तों की सदैव रक्षा वैसे ही करते हैं जैसे माता अपने नन्हें बच्चों की करती है। गजेन्द्र ने स्नान करते समय मगर से व्याकुल होकर भगवान कोप पुकारा तो प्रभु तुरंत दौड़े चले आये ।माता कयाधू के गर्भ में ही महात्मा नारद से आत्म दर्शन पाकर भक्त प्रह्लाद निरंतर चोबिसों घंटे जड़ चेतन सभी मे हरि को तथा हरि में सभी को समाये देखते हुए एक दिन अपने पिताश्री महाराजा हिरण्यकशिपु के पूछने पर राजमहल के खंभे मेभी हरि का वास बताया। भक्त प्रह्लाद के विश्वास को साबित करने केलिए भगवान खंभा फाड़ कर नरसिंह अवतार में प्रगट होकर हिरण्यकशिपु का संसार कर भक्त प्रह्लाद की रक्षा की।

