छत्तीसगढ़

गुरमत समागम व सिक्खी जोड़ मेले में बड़ी संख्या में जुटी संगत

गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहीदी शताब्दी पर आयोजन

मंत्री टंकराम हुए शामिल, संत बाबा अवतार सिंह से लिया आशीर्वाद

रायपुर। ‘हिंद की चादर’ श्रीगुरु तेग बहादुर साहिब की 350वीं शहीदी शताब्दी को समर्पित 3 दिवसीय गुरमत समागम एवं सिक्खी जोड़ मेले का आयोजन गुरु गोबिंद सिंह पब्लिक स्कूल, हीरापुर-अटारी में 14 से 16 अक्टूबर तक श्रद्धा, उत्साह एवं भव्यता के साथ किया गया। इस पावन आयोजन में बड़ी संख्या में सिक्ख संगत एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।

पंजाब से आए संत बाबा अवतार सिंह

समागम का विशेष आकर्षण बाबा बिधि चंद की गौरवशाली परंपरा के 12वें मुखी जत्थेदार संत बाबा अवतार सिंह की उपस्थिति रही। संत बाबा अवतार सिंह अपने सैकड़ों अनुयायियों के साथ पंजाब से रायपुर पहुंचे। उनके दल में 50 से अधिक घोड़ों के साथ हाथी, ऊंट भी बड़ी संख्या में शामिल थे। घुड़सवारी के रोमांचकारी करतबों और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने संगत को सिख शौर्य, वीरता एवं गौरवशाली विरासत से परिचित कराया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रतिनिधि रूप में कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा शामिल हुए। उन्होंने संत बाबा अवतार सिंह से आशीर्वाद प्राप्त किया और संगत के बीच मुख्यमंत्री साय का संदेश प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने श्रीगुरु तेग बहादुर साहिब के अद्वितीय बलिदान को नमन करते हुए धर्म की स्वतंत्रता, मानवता की रक्षा एवं गुरु साहिबान की शिक्षाओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।

इस अवसर पर विधायक राजेश मूणत, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, समाजसेवी बलदेव सिंह भाटिया, जगजीत सिंह खनूजा, गुरुगोबिंद सिंह पब्लिक स्कूल के संचालक ज्ञानी सुखजिंदर सिंह, स्कूल की प्राचार्य ज्योति दुबे उपस्थित रहे। सभी ने गुरु साहिब के महान बलिदान को नमन करते हुए आयोजन में सहभागिता की। आयोजन समिति की ओर से कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं संत बाबा अवतार सिंह ने उन्हें शाल भेंट कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर गुरु गोबिंद सिंह पब्लिक स्कूल के प्राचार्य द्वारा विद्यालय के विकास एवं आवश्यक सुविधाओं से संबंधित मांगपत्र मुख्यमंत्री के नाम कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा को सौंपा गया।

तीन दिवसीय समागम के दौरान गुरबाणी-कीर्तन, धार्मिक आयोजन एवं गुरु का लंगर लगातार संचालित हुआ। संगत ने गुरु साहिबान की शिक्षाओं, सेवा, त्याग, धर्म की स्वतंत्रता और मानवता की रक्षा के संदेश को स्मरण किया।

श्रीगुरु तेग बहादुर साहिब का सर्वोच्च बलिदान समस्त मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका जीवन धर्म, आस्था और मानवीय अधिकारों की रक्षा के लिए निर्भीक होकर खड़े होने का संदेश देता है। इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी को सिख इतिहास, संस्कृति एवं गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

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मीडिया एमपीसीजी