रायपुर। साधक परिवार रायपुर की ओर से बुधवार को करीब 150 गरीब परिवारों को चावल, दाल, खजूर, पोहा,आटा, वस्त्र, बाल्टी, दिया-बाती, तेल, माचिस, मिठाई, नव वर्ष का कैलेंडर, ऋषि प्रसाद पत्रिका व नकद राशि का वितरण किया गया।
।। अपने दुख में रोने वाले मुस्कुराना सिख ले, दूसरे के दुख दर्द में आंसू बहाना सिख ले,जो खिलाने में मजा है वो आप खाने में नहीं, जिंदगी है 4 दिन की तू किसी के काम आना सिख ले…।।
सर्वप्रथम प्रार्थना व मंगल आरती कर भगवन्नाम जप करवाकर फिर दिवाली की महिमा व बापूजी का उदेश्य लाखों लोगों को मदिरा, मांस,नशा छुड़वाए, धर्मांतरण किए हुए हिन्दुओं को पुन: जिन्होंने धर्म में वापसी करवाया, आज इन्ही सब बातों के चलते उन्हें कारावास मिला है।
दीपावली त्यौहार के अवसर पर सेवा की महिमा बताते हुए संतश्री आशारामजी बापू अपने सत्संग में अक्सर कहा करते थे कि नर सेवा ही नारायण सेवा है।
दूसरों का हित करने से आपके भीतर सिंह के समान बल आ जाता है। पांच पर्व की सुरभि माला दीपावली का महापर्व हमें यही संदेश देता है कि पर्व और उत्सव आध्यात्मिक विकास के लिए बहुत जरूरी है। सामाजिक रीति-रिवाज तो हमें अपने को ढांचे में डालते ही हैं लेकिन पर्व-उत्सव व्यक्ति को मुक्त, मधुरता, प्रसन्नता देते हैं और ईश्वर प्राप्त महापुरुषों के साथ आत्मीयता का राजमार्ग बता देते हैं। आज भी सनातन संस्कृति की यह धरोहर पूरे विश्व को प्रकाशित करने में सक्षम एवं समर्थ है।
धनतेरस ,नरक चतुर्दशी, दिवाली, बाली प्रतिपदा और भाई दूज इन पांच पर्वों का झुमका है दिवाली पर्व। पांच इंद्रियों में, पांच विकारों में भटकने वाला जीव पंचामृत का उपयोग करके पांच विकारों को नियंत्रित करके पांच कर्मेंद्रियां, पांच ज्ञानेंद्रियां एवं पांच प्राणों का संयम करके व्यक्ति महापुरुष बन सकता है।
मुख्य अतिथि संतश्री युधिष्ठिर महाराज ने अपनी अमृतवाणी में इस प्रसंग पर कहा, भारतीय संस्कृति किसी को गरीब नहीं मानती, वह सभी को अपने करीब मानती है। उनकी इस एक पंक्ति में भारतीय संस्कृति के वसुधैव कुटुम्बकम् का सार छिपा है। इसका भाव है कि किसी व्यक्ति की पहचान उसकी संपत्ति, जाति, धर्म, सामाजिक स्थिति या आर्थिक क्षमता से नहीं होती। हर व्यक्ति सम्मान, प्रेम और अपनत्व का अधिकारी है।
यह आयोजन शक्तिधाम तेलीबांधा में रखा गया, जिसमे मुख्य रूप से शदाणी दरबार के संतश्री युधिष्ठिर महाराज, पाकिस्तान के भाई साहब व शक्तिधाम समिति के अध्यक्ष मोहन तेजवानी, सिंधु शक्ति के किशोर आहूजा, राजकुमार राठी भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी, शंकर लाल दानवानी, विजय अमरानी, हरेश गोविंदानी, पवन प्रेमचंदानी, यशवंत वर्मा,नोहर पटेल, डी. नारायण राव, हरी भाई, आर.आर. सेन, सखाराम साहू, रामनारायण साहू, मनोज गोगिया, मनोज बजाज, नितेश बेसरा व महिला मंडल और बाल संस्कार के सेवाधारी बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।