आरंग-आरंग क्षेत्र के शराब दुकानों से कर्मचारियों की मिलीभगत से शराब कोचियों को शराब सप्लाई करने की जानकारी मिल रही है।ताजा मामला गुल्लू के देशी और विदेशी शराब दुकान का है।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीते दिन गुल्लू शराब दुकान से शराब ले जाते हुए एक कोचिये को साइबर क्राइम ने लगभग 10 पेटी शराब के साथ पकड़ा है। जिसके ऊपर आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही किया गया हैं।
गौर करने वाली बात है कि शासन ने प्रति व्यक्ति 5 लीटर शराब ले जाने की छूट दे रखी है इसके विपरीत क्षेत्र के शराब कोचियों को शराब दुकान के कर्मचारियों की मिलीभगत से 10 पेटी या उससे अधिक शराब अधिक दामों पर बेची जा रही है।
◆ ऐसे होता है कोचियों को शराब सप्लाई
ग्राम गुल्लू,लखौली सहित आरंग के सभी शराब दुकान आउटर पर है।रात 08 बजे के बाद इन शराब दुकानों में आम ग्राहकों का आना कम हो जाता है।सूत्र बताते है कि इसके बाद शराब दुकान के कर्मचारियों द्वारा कई गांवों से आने वाले शराब कोचियो को अलग-अलग समय मे बुलाकर पेटी-पेटी शराब अवैध रूप से दी जाती है।इसके लिए शराब कोचिया कर्मचारियों को बाकायदा कमीशन भी देते है।इसके बाद शराब कोचिये गांवों में जाकर अवैध रूप से अधिक दामों में शराब बेचते है और गांव का माहौल खराब करते है।
◆ कर्मचारी ओवररेट से कमाते है रोजाना हजारों
शराब से शासन को कितनी कमाई होती है ये जग जाहिर है। वही क्षेत्र के लगभग सभी शराब दुकानों में एक निर्धारित समय पर शराब को तय कीमत से अधिक कीमत पर बेचा जाता है।अगर ग्राहकों द्वारा इसका विरोध किया जाता है तो कर्मचारियों द्वारा ग्राहकों से बदसलूकी और मारपीट की जाती है। इसके बाद ओवर रेट की कमाई को वहाँ के कर्मचारी आपस मे बांट लेते है।इससे कर्मचारियों को हजारों की कमाई होती है।
बहरहाल इस पूरे मामले पर आबकारी विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जाती है ये देखने वाली बात है क्योंकि शराब की पेटियों में बार कोड होता है जिससे ये पता लगाया जा सकता है कि कोचिये से जब्त की गई शराब किस दुकान से है।
◆ जिम्मेदारों का जवाब
गुल्लू शराब दुकान का सुपरवाइजर उबारन पुरैना इस पूरे घटनाक्रम के बचाव में है,उसका कहना है उसके शराब दुकान में ऐसी कोई घटना नही हुई जबकि इस कार्यवाही को कुछ लोगो ने अपनी आंखों से देखा है।
वही क्षेत्र के सहायक आबकारी उप निरीक्षक कौशल सोनी ने मामले की जानकारी लेकर जांच करने की बात कही है।