रायपुर। शनिवार को छत्तीसगढ़ राज भाषा आयोग के कार्यालय में आयोग अध्यक्ष प्रभात मिश्रा ने छत्तीसगढ़ी भाषा छात्र संगठन के साथ बैठक कर लम्बी चर्चा की। छात्र संगठन के प्रमुख जीतेन्द्र कुमार साहू ने बताया, यह बैठक आयोग अध्यक्ष की ओर से बुलाई गई थी। बैठक में हुई चर्चा के दौरान संघ पदाधिकारियों ने डाक्युमेंट व साक्ष्य के साथ बताया कि वर्ष 2019 में हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने छत्तीसगढ़ी पढ़ाने का आदेश दिया है, नई शिक्षा नीति 2020 भी यही कहती है कि राज्य को अपनी मातृ भाषा/स्थानीय भाषा/क्षेत्रीय भाषा/ में बच्चों को अनिवार्य रूप से पढ़ाना होगा किंतु इसके बावजूद इस पर कोई क्रियान्वयन नहीं हुआ है।
छात्र प्रमुख ने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा में कक्षा 1 से 12वीं तक पढ़ाई-लिखाई और छत्तीसगढ़ी भाषा डिग्रीधारी छात्रों को रोजगार का अवसर दिए जाने की मांग लंबे अरसे से की जा रही है। जिस पर आयोग अध्यक्ष ने कहा कि इस पर वे मुख्यमंत्री से मुलाकात व चर्चा कर इसका निराकरण शीघ्र कराने का पूरा प्रयास करेंगे। वहीं आयोग के सचिव अभिलाषा बेहार ने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा में शिक्षा और रोजगार के संदर्भ में वे आयोग की ओर से तत्काल मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे।
इस बैठक में राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष रामेंद्रनाथ मिश्रा, रमा जोशी, प्रभा जोशी, रेखा जोशी, उदयभान सिंह चौहान, छात्र संगठन के विनय बघेल, देवेंद्र, अभय, कृष्णकांत सहित अन्य छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।