मुनिश्री आगम सागर और मुनिश्री पुनीत सागर के सानिध्य में होंगे विविध धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम
रायपुर। समाधिस्थ राष्ट्रसंत आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज और वर्तमान परंपराचार्य आचार्यश्री 108 समयसागर महाराज के अवतरण महापर्व के अवसर पर रायपुर में दो दिवसीय शरद पूर्णिमा महोत्सव ‘शरदोत्सव वर्ष 2026’ का शुभारंभ रविवार, 25 अक्टूबर को होगा। सकल दिगम्बर जैन समाज रायपुर की ओर से आयोजित इस महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भक्ति संगीत, नृत्य प्रस्तुतियां, प्रतियोगिताएं और प्रवचन होंगे। ये कार्यक्रम प्रथम दिवस श्रीवाल्मीकि सभागार, श्री राम मंदिर परिसर, वीआईपी रोड और द्वितीय दिवस शंकरनगर स्थित श्रीचंद्रप्रभ जिनालय परिसर में होंगे। इस महोत्सव में मुनिश्री आगम सागर, मुनिश्री पुनीत सागरजी, ऐलकश्री धैर्य सागर और ऐलकश्री स्वागत सागर का पावन सानिध्य प्राप्त होगा। आयोजकों के अनुसार, दोनों आचार्यों का अवतरण दिवस शरद पूर्णिमा की एक ही पावन तिथि पर होने के कारण यह महापर्व विशेष महत्व रखता है।
वाल्मीकि सभागार में होंगे पहले दिन के कार्यक्रम
महोत्सव के पहले दिन 25 अक्टूबर को श्रीवाल्मीकि सभागार, श्रीराम मंदिर परिसर, वीआईपी रोड, रायपुर में दोपहर 1 बजे श्रीभक्तामर का संगीतमय मंगलपाठ होगा। दोपहर 1:30 बजे पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री की भव्य पूजन और छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिनालयों के बहु-मंडलों की नृत्य प्रतियोगिता होगी। दोपहर 2:15 बजे अलंकरण समारोह और 3 बजे आरती सजाओ प्रतियोगिता की प्रस्तुति होगी।
दोपहर 3:30 बजे चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन और मंगलाचरण के साथ कथक कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुति ‘आत्मानुभूति’ होगी। इस दौरान विद्वान वक्ताओं के उद्बोधन भी होंगे। दोपहर 3:45 बजे पूज्य गुरुदेव के मंगल प्रवचन होंगे। शाम 5 बजे स्वामीवात्सल्य यानी प्रीतिभोज रखा गया है। शाम 6:30 बजे प्रतियोगिता में शामिल आरतियों के साथ महाआरती, भजन-कीर्तन और डांडिया रास होगा। रात 8 बजे कार्यक्रम का समापन और आभार प्रदर्शन किया जाएगा।
दूसरे दिन चंद्रप्रभ जिनालय में होंगे धार्मिक अनुष्ठान
महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार, 26 अक्टूबर को शंकर नगर स्थित श्री चंद्रप्रभ जिनालय में सुबह 6:30 बजे जिन अभिषेक, शांतिधारा, पूजन और आचार्य छत्तीसी विधान होगा। शाम 7 बजे संगीतमय मंगल आरती, भक्ति संगीत और डांडिया रास के साथ महोत्सव की धार्मिक गतिविधियां आगे बढ़ेंगी।
आयोजकों ने बताया कि शरदोत्सव का उद्देश्य आचार्यद्वय के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ जैन धर्म, संस्कृति और जिनशासन की प्रभावना को बढ़ावा देना है। सकल दिगम्बर जैन समाज, रायपुर और छत्तीसगढ़ सकल दिगम्बर जैन समाज ने श्रद्धालुओं से दोनों दिन के कार्यक्रमों में शामिल होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।