युवाओं से किया आह्वान- पढ़ाई को ये मान कर चलें कि माला भगवान की ही जप रहे हैं…
रायपुर। देवेंद्रनगर मंडी मैदान में सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के सातवें व विश्रांति दिवस पर व्यासपीठ से आज फिर भागवताचार्य इंद्रेश महाराज ने युवाओं से अपील करते कहा, पढ़-लिखकर यदि आप डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस बन गए तो आपको अपनी भक्ति का गौरव होगा कि मैंने इस माध्यम से भी ठाकुरजी को पा लिया। पहले अपने कर्म का निर्वहन करो। आप कलयुग में जी रहे हैं इसके लिए उसका भी सम्मान करो। कहने का तात्पर्य यह है कि अध्ययन को पहली प्राथमिकता दो, नाम जाप, कथा अध्ययन की वजह से छूट रहा ये न सोंचे, बल्कि ये टारगेट कर चलें कि 90 से 99 प्रतिशत के बीच का परिणाम लाएंगे। इसके लिए पढ़ाई को ये मान कर चलें कि माला भगवान की ही जप रहे हैं तो ठाकुरजी जरूर मिलेंगे। कर्म करके मैंने स्वयं को पा लिया, यह मानकर अपना लक्ष्य तय करें। कोई बहाने न करें, पूरे मन व लगन से पढ़ाई करें।
समझदार व्यक्ति कभी किसी को बद्-दुआ नहीं देते हैं
पढ़ाई व भक्ति के संदर्भ को लेकर उन्होंने बताया कि एक बालिका ने एमबीबीएस की पढ़ाई इसी माध्यम से पूरी की और डॉक्टर बनने के बाद अपना क्लीनिक वृंदावन में खोला। जिसमें वे लोगों को नि:शुल्क चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। किसी कथा, धार्मिक या तीर्थ स्थान पर किसी को बद्-दुआएं दे रहे हैं तो इसका अपराध आपको ही उलट कर लगता है। हैं कुछ लोग आज भी ऐसे, जिनको पीड़ा होती है कि आखिर वह इतना खुश क्यों हैं, सुंदर क्यों हैं, तरक्की क्यों कर रहा है। ध्यान रखें समझदार, सामर्थ्यवान व तपस्वी व्यक्ति कभी किसी को बद्-दुआ नहीं देते हैं।
एक ही जगह सर्वाधिक लोगों ने सुनी
‘मन की बात’ बना गोल्डन बुक रिकार्ड
वहीं आज डिजिटल ब्रॉडकास्ट माध्यम से एक ही जगह पर उपस्थित सर्वाधिक लोगों ने ‘मन की बात’ सुनी और रायपुर में भागवत कथा स्थल इसके लिए माध्यम बना। पहली बार ऐसा हुआ कि किसी डिजिटल ब्रॉडकास्ट के माध्यम से एक ही जगह पर सर्वाधिक लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुना। यह आयोजन गोल्डन बुक आॅफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हो गया। इंद्रेश महाराज व सांसद तरुण चुघ के माध्यम से रायपुर जिला भाजपा इकाई और आयोजन समिति को गोल्डन बुक की टीम ने यह प्रमाण पत्र सौंपा गया। इस आयोजन में मुख्य रूप से सांसद लक्ष्मी वर्मा, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायकगण राजेश मूणत, सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा व मोतीलाल साहू सहित संत युधिष्ठिर, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश ठाकुर, गुंजन प्रजापति भी उपस्थित रहे।
कथा के सफल आयोजन का श्रेय श्रद्धालुओं को
देवेंद्रनगर मंडी मैदान में सात दिन चली श्रीमद् भागवत कथा के सफल आयोजन का श्रेय मुख्य सेवादार गुंजन प्रजापति ने सभी श्रद्धालु भक्तजनों को दिया जिनके भक्तिभाव से यह संभव हो पाया। उनके साथ लगे चार सौ सेवादार, पुलिस प्रशासन, मीडिया समेत प्रत्यक्ष-प्रत्यक्ष रूप से सहयोगी बने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रायपुर वासियों के लिए सौभाग्य का विषय रहा कि पहली बार इन्द्रेशजी महाराज के कथा श्रवण करने का पुण्य लाभ मिला।
महाराजश्री को विदाई देते श्रद्धालुओं की छलक आईं आंखें
कथा विश्राम के अंतिम दिन जब इन्दे्रश महाराज ने कहा कि कथा को आत्मसात भी करना, सात दिनों तक आप यहां किसी मनोरंजन में नहीं आ रहे थे। कथा में तो वे कई जगहों पर गए हैं पर रायपुर के लोगों का जो भक्तिभाव व स्नेह देखा वह कहीं और नहीं, ये हमेशा बनाये रखें। व्यासपीठ छोड़ने से पहले जब उन्होंने फिर गाया कि जगन्नाथ चका नैन.. तू न संभाले तो हमें कौन संभाले, हम सब के प्रभु जगन्नाथ.. तो श्रद्धालुओं की आंखों से आंसू छलक आए। तब महाराजश्री ने समझाया इन आंसूओं को संभाल कर रखो, भगवत भक्ति के साथ सद्कर्म के मार्ग पर चलो। काम ऐसा करो कि लोग तुम्हे याद करें, तुम्हारा सम्मान करें। जय श्री राधे..।
अगले तीन वर्षों के लिए कथा करने का मिला आमंत्रण
व्यासपीठ से इन्द्रेश महाराज ने बताया कि छत्तीसगढ़ वालों का अपार स्नेह है कि आज तो कथा समाप्त कर वे जा रहे हैं, लेकिन अगले तीन वर्षों 2027, 2028 और 2029 में कथा करने के लिए उन्हे आमंत्रण मिल चुका है। वे इन वर्षों में आप सबके बीच कथा श्रवण कराने पुन: आएंगे।







