छत्तीसगढ़ • रायपुर

स्वावलंबन पर प्रेरक आयोजन‘स्वयं सिद्धा’ ने जलाई महिला सशक्तिकरण की ज्योति

निर्णय लेने की स्वतंत्रता है आत्मनिर्भरता: महिमा तारे

रायपुर। आत्मनिर्भरता का मतलब सिर्फ पैसे कमाना नहीं है। धन उपार्जन आत्मनिर्भरता का केवल एक भौतिक पहलू है, जबकि वास्तविक आत्मनिर्भरता एक मानसिक, भावनात्मक और निर्णय लेने की स्वतंत्रता है। आप अपने घर से निकलें और अपने लिए जीयें। आपको अपने काम से खुशी मिले, आपके काम से दूसरे प्रसन्न हों, यही आत्मनिर्भरता है। इस आशय के विचार मंगलवार को महाराष्ट्र मंडल में महिला स्वावलंबन पर आधारित कार्यक्रम ‘स्वयं सिद्धा’ में पहुंचीं मुख्य अतिथि महिमा तारे ने व्यक्त किए।

ग्वालियर के 450 महिला सदस्यों के समूह की प्रमुख महिमा ने आगे कहा कि आत्मनिर्भर होने के लिए पर्सनालिटी डेवलपमेंट को लेकर आमतौर पर हम महिलाएं यह सोचतीं हैं कि हमारी उम्र हो चुकी है। पर्सनालिटी डेवलपमेंट युवाओं के लिए है, हमें इसकी क्या जरूरत। लेकिन ऐसा नहीं है, हम कभी भी आत्मनिर्भर हो सकती हैं। उन्होंने बताया, अपने समूह के माध्यम से हम वह सब बनाती हैं, जिसकी हमें जरूरत है। कुछ महिलाएं चिप्स, चिवड़ा, चकली, तो कुछ कपड़े के बैग, कुछ क्रुशिया के सामान बनातीं हैं। यह वो चीज है, जिसकी हमें आपस में जरूरत पड़ती है। फिर हम, एक-दूसरे से यह सामान खरीद लेती हैं। पिछले चार सालों से यह अभियान चल रहा है। समय के साथ माउथ पब्लिसिटी के जरिए हम दूसरों का और अपना उत्पाद बेच रहे हैं।

पहले पंगत फिर संगत… अपना प्रोडक्ट चलाने दिया मंत्र

खुद के उत्पादों के लिए ग्राहक तलाशने के सवाल पर उन्होंने कहा कि एक पुरानी कहावत है, ‘पहले पंगत फिर संगत’ ठीक उसी तरह जब आप कोई घरेलू उत्पाद का प्रोडक्शन करती हैं, तो आपको पहले लोगों को अपनी चीजें चखानी होंगी। आप अपने घर में छोटे-मोटे आयोजन करें, तो यह उत्पाद आपको उन लोगों के सामने रखना होगा, ताकि वो उसे देखें, फिर आपके घर आने वाली महिलाएं इसके बारे में पूछेंगी, कुछ लेंगी, कुछ बाद में लेंगी। इस तरह सिलसिला शुरू होगा।

महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, स्वावलंबन समिति की प्रमुख, भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता शताब्दी पांडे और वरिष्ठ पत्रकार अतुल तारे ने भी इस कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले और आभार प्रदर्शन मंडल की उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महाराष्ट्र मंडल के महिला केंद्रों की महिलाएं उपस्थित थीं।

रक्तदाता 23 महिला सभासदों का सम्मान

इस अवसर पर बीते दिनों रक्तदान महाकुंभ में रक्तदान करने वाली मंडल की 23 महिला सभासदों का सम्मान भी किया गया।

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