छत्तीसगढ़ • रायपुर

भागवत कथा में कंस वध और रुक्मणी विवाह के प्रसंग ने बांधा समां, वैदिक मंत्रों से गूंजा पंडाल

रायपुर, 05 सितम्बर 2026/ शांति नगर स्थित माता वैष्णव मंदिर में चल रही श्रीमद भागवत कथा के छठवें दिन आज कथावाचक अभिनंदन महाराज के श्रीमुख से भगवान श्रीकृष्ण के पराक्रम और प्रेम दोनों का अद्भुत संगम देखने को मिला। आज की कथा में *कंस वध सहित भगवान की विविध लीलाओं और रुक्मणी विवाह* के दिव्य प्रसंग का जीवंत चित्रण किया गया।

महाराजजी ने बताया कि कैसे भगवान श्रीकृष्ण ने मथुरा में जाकर अत्याचारी मामा कंस का वध कर अपने माता-पिता देवकी-वासुदेव को कारागार से मुक्त कराया और उग्रसेन जी को पुनः राजसिंहासन पर बैठाया। कंस वध की लीला सुनकर श्रद्धालु “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठे।

कंस वध के बाद कथा का सबसे मनोहारी प्रसंग रुक्मणी विवाह रहा। रायपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने व्यास पूजन किया और सपरिवार आरती में शामिल हुए। विदर्भ देश की राजकुमारी रुक्मणी जी ने जब भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और पराक्रम की कथा सुनी तो उन्होंने मन ही मन उन्हें अपना पति मान लिया। जब उनके भाई रुक्मी ने उनका विवाह शिशुपाल से तय कर दिया, तो रुक्मणी जी ने एक गुप्त पत्र के माध्यम से द्वारिकाधीश को संदेश भेजा।

महाराजजी ने कहा कि रुक्मणी जी साक्षात लक्ष्मी जी का अवतार हैं और उनका विवाह यह सिखाता है कि भगवान केवल सच्चे प्रेम और समर्पण के बंधन में बंधते हैं।

आज की कथा में भगवान की अन्य लीलाएं– कालयवन वध, मुचुकुंद को वरदान और द्वारिका नगरी की स्थापना का भी सुंदर वर्णन किया गया। रुक्मणी विवाह के प्रसंग पर पूरे पंडाल को दूल्हन की तरह सजाया गया था। विवाह की झांकी के दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और कथा का सीधा प्रसारण संस्कार चैनल पर किया जा रहा है।

आयोजन समिति: विश्वनाथ ठाकुर (अध्यक्ष), चिमन अग्रवाल (संरक्षक), विनोद गुप्ता (संरक्षक), अमर टंडन (सचिव), विनीत कुमार राय (संगठन सचिव), वीरमणि चौबे, गौरव चौबे, यशवर्धन अग्रवाल।

मुख्य यजमान: आकाश तिवारी, नेता प्रतिपक्ष, रायपुर नगर निगम ने आज पत्नी श्री मती यामिनी तिवारी के साथ व्यास पूजन किया और आरती की

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