छत्तीसगढ़

‘मिशन दृष्टि’ का कमाल: ढाई साल बाद जब वंजाम जोगी ने देखा पति का चेहरा, छलक पड़े आंसू मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से बदली जिंदगी

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‘मिशन दृष्टि’ का कमाल: ढाई साल बाद जब वंजाम जोगी ने देखा पति का चेहरा, छलक पड़े आंसू

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से बदली जिंदगी

रायपुर, 08 जुलाई 2026/ श्मिशन दृष्टिश् या श्ऑपरेशन दृष्टिश् जैसे अभियानों और नेत्र चिकित्सा शिविरों का उद्देश्य वंचित और ग्रामीण क्षेत्रों में मोतियाबिंद, ग्लूकोमा और दृष्टिवैषम्य जैसी समस्याओं से पीड़ित लोगों को मुफ्त या किफायती इलाज देकर उनकी आंखों की रोशनी लौटाना है। इस अभियाना के तहत मेडिकल मोबाइल यूनिट्स और अस्पतालों में अनुभवी डॉक्टरों द्वारा मुफ्त जांच और मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशन किया जाता है। धुंधले लेंस को हटाकर कृत्रिम लेंस लगाने से मरीजों की आंखों की रोशनी पूरी तरह लौट आती है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व में सुकमा जिले के दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा मिशन दृष्टि तथा श्स्वस्थ बस्तर अभियानश् के माध्यम से मोतियाबिंद से पीड़ित जरूरतमंद लोगों की पहचान कर उनका निःशुल्क ऑपरेशन कराया जा रहा है। इस पहल से कई लोगों के जीवन में फिर से उजाला लौट आया है।

घर-घर पहुंची स्वास्थ्य टीम

कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सुदूर गांवों तक पहुंचकर घर-घर सर्वे किया। मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों की पहचान कर उन्हें जिला चिकित्सालय लाया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उनका निःशुल्क सफल ऑपरेशन किया।

ढाई साल बाद देखा अपने पति का चेहरा

सिरसेट्टी गांव की रहने वाली वंजाम जोगी पिछले ढाई वर्षों से दोनों आंखों की रोशनी खो चुकी थीं। वे न तो अपने परिवार के लोगों को पहचान पाती थीं और न ही रोजमर्रा के काम कर पाती थीं। ऑपरेशन के बाद जब उनकी आंखों की पट्टी हटाई गई तो सबसे पहले उन्होंने अपने पति को देखा। यह भावुक पल उनके लिए अविस्मरणीय बन गया। खुशी से उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा कि अब मुझे सब कुछ साफ दिखाई दे रहा है। मैं ढाई साल बाद अपने पति को देख पा रही हूं। मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन ने मेरी जिंदगी में फिर से उजाला ला दिया है।

मड़कम हिड़मे को भी मिला नया जीवन

रवापारा सिरसेट्टी की मड़कम हिड़मे भी पिछले दो वर्षों से मोतियाबिंद के कारण परेशान थीं। उन्हें लोगों को पहचानने और दैनिक कार्य करने में कठिनाई होती थी। मिशन दृष्टि के तहत उनका भी सफल ऑपरेशन किया गया। अब वे सामान्य रूप से देख पा रही हैं और अपने सभी काम स्वयं कर रही हैं। मड़कम हिड़मे ने खुशी जताते हुए कहा कि सरकार की इस पहल से उन्हें नई रोशनी और नया आत्मविश्वास मिला है।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाएं

सुकमा जिला के कलेक्टर ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप जिले के अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। मिशन दृष्टि और स्वस्थ बस्तर अभियान के माध्यम से दूरस्थ गांवों में रहने वाले जरूरतमंद मरीजों की पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

बदलते सुकमा की नई तस्वीर

अस्पताल से छुट्टी के समय मरीजों को फल एवं आवश्यक सामग्री भी प्रदान की गई। उपचार के बाद मरीजों और उनके परिवारों के चेहरों पर लौटी मुस्कान इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता है। मिशन दृष्टि यह साबित करता है कि जब शासकीय योजनाएं संवेदनशीलता के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तो वे केवल इलाज ही नहीं देतीं, बल्कि लोगों के जीवन में नई उम्मीद, नया आत्मविश्वास और खुशियों की नई रोशनी भी लेकर आती हैं।

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