छत्तीसगढ़

रंगीलो रास गरबा: पारंपरिक देवीगीतों व लयबद्ध धुनों पर थिरके गरबाप्रेमी

रायपुर। विमानतल के समीप जैनम मानस भवन में पारंपरिक डांडिया और गरबा का सबसे प्रतिष्ठित व लोकप्रिय आयोजन ‘रंगीलो रास गरबा’ बुधवार से प्रारंभ हुआ। समिति के संस्थापक नीलेश मुंदडा ने बताया, शहरवासियों की सुविधा और बढ़ते यातायात के दबाव को देखते हुए इस वर्ष यह आयोजन जैनम मानस भवन में मनाया जा रहा है। आगामी 19 अक्टूबर तक चलने वाले इस गरबा उत्सव में 100% पारंपरिक गरबा संगीत पर मातारानी की नृत्य माध्यम से भक्ति की जा रही है। केवल पारंपरिक परिधानों में केवल कपल्स और ग्रुप एंट्री को ही गरबा स्थल पर प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।

साथ ही बेस्ट छत्तीसगढ़ी ट्रेडिशनल लुक का अवार्ड गरबाप्रेमियों के लिए प्रमुख आकर्षण है, जो वेशभूषा और डांस स्टेप्स के आधार पर चयनित विजेता को समिति की ओर से प्रतिदिन दिया जा रहा है। इसके अलावा स्पांसर द्वारा विभिन्न कैटेगरी में विजेताओं को लाखों के उपहार भी दिए जा रहे हैं।

पर्याप्त पार्किंग की सुविधा के साथ ही विशाल लॉन में रायपुरवासी गरबा का आनंद यहां ले रहे हैं।

छत्तीसगढ़ प्रदेश की संस्कृति व खूबसूरती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंच पर बस्तर आर्ट की कलाकृतियां दर्शाई गर्इं हैं। इसके अलावा गढ़कलेवा कॉर्नर स्टॉल भी नगरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इस भक्तिपूर्ण और सभ्यता-संस्कृति से परिपूर्ण वृहद आयोजन में प्रमुख रूप से निलेश मुंदडा, कपिल दोषी, मारुति काबरा, सीए अमित राठी, राजीव मुंदडा, आर्या दुबे, राम वाधवानी, अणुव्रत खटोर, अमर धिंगानी, शरद सारडा, विकास आहूजा, राकेश अग्रवाल की प्रमुख भूमिका है।

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मीडिया एमपीसीजी