रायपुर। पेंशनरों के 2 प्रतिशत राहत पेंशन, दस माह व्यतीत हो जाने एवं कोर्ट द्वारा दोनों राज्यों (मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़) की सहमति लेने की प्रक्रिया समाप्त होने के बावजूद भी दोनों राज्य शासन द्वारा आदेश जारी नहीं किए जाने से पेंशनर्स नाराज हैं। अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स फेडरेशन से संबद्ध छत्तीसगढ़ पेंशनर्स समाज के प्रांताध्यक्ष चेतन भारती ने कहा है कि पेंशनरों के प्रति उपेक्षापूर्ण भाव रखा जा रहा है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा दोनों राज्यों की सहमति लेने की प्रक्रिया समाप्त कर छत्तीसगढ़ के 1 नवंबर 2000 के बाद सेवानिवृत्त होने वाले पेंशनरों को 6वें एवं 7वें वेतनमान के अनुरूप 1 जनवरी 2006 एवं 1 जनवरी 2016 के पूर्व सेवानिवृत्त पेंशनरों को क्रमश: 32 और 27 माह के एरियर भुगतान के संबंध में 31 जुलाई 2026 तक भुगतान आदेश जारी करने का निर्देश दिया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य शासन द्वारा उच्च न्यायालय के आदेश का पालन न कर आदेश की अवमानना की गई है। प्रांताध्यक्ष भारती ने मांग कर कहा है कि दीपावली के उपहार स्वरूप पेंशनरों को 1 जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत राहत पेंशन भुगतान करने एवं पेंशनरों को उपरोक्तानुसार एरियर की बकाया राशि भुगतान करने का आदेश जारी किया जाए।