मां-बेटे, पिता-पुत्री की प्रस्तुतियों ने जीता सबका दिल
गुरुकुलम सनशाइन पब्लिक स्कूल का वार्षिकोत्सव
रायपुर। गुरुकुलम सनशाइन पब्लिक स्कूल का वार्षिकोत्सव ‘सतरंगी सफर’ 1 नवंबर को शंकरनगर स्थित विमतारा हॉल में हर्षोल्लास से मनाया गया। रंगों, उमंगों और बच्चों की अद्भुत प्रतिभा से सजे इस आयोजन ने अतिथियों व अभिभावकों के लिए यादगार पल संजो दिए। नर्सरी से 5वीं तक के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक एवं नृत्य प्रस्तुतियों से अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और रचनात्मकता का शानदार परिचय दिया। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की संस्कृति और माटी के प्रति सम्मान की एक बेहद भावुक झलक भी देखने को मिली। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर कक्षा दूसरी के विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ महतारी को समर्पित एक सुंदर छत्तीसगढ़ी गीत की प्रस्तुति दी। बच्चों की इस भावपूर्ण प्रस्तुति ने सभागार में उपस्थित सभी लोगों का दिल जीत लिया। गीत के दौरान छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और अपनी माटी के प्रति प्रेम को दर्शाते हुए माहौल इतना भावुक हो गया कि सम्मान में उपस्थित सभी लोग श्रद्धा से खड़े हो गए। यह प्रस्तुति कार्यक्रम के सबसे यादगार और गौरवपूर्ण क्षणों में से एक रही।
कार्यक्रम का सबसे खास और भावनात्मक आकर्षण अभिभावकों की सहभागिता रही। मां और बेटे की संयुक्त प्रस्तुति तथा पिता और पुत्री की दिल को छू लेने वाली नृत्य प्रस्तुति ने पूरे सभागार को भावुक कर दिया। इन प्रस्तुतियों ने यह खूबसूरत संदेश दिया कि बच्चों की प्रतिभा को निखारने में परिवार का प्यार, प्रोत्साहन और साथ कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अभिभावकों और बच्चों की इस अनूठी भागीदारी ने ‘सतरंगी सफर’ को एक विशेष पहचान दी।
मुख्य अतिथि रूप में समाजसेविका एकता अग्रवाल, शीला गुजर, प्राचार्या- कल्याण पब्लिक स्कूल एवं मलय विश्वास सेवानिवृत्त तहसीलदार उपस्थित रहे। विद्यालय प्रबंधन की ओर से स्वतंत्र अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
विद्यालय की प्राचार्या ईशा अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक बच्चा अपने आप में अनूठा है और हर बच्चे के भीतर एक विशेष प्रतिभा छिपी होती है। विद्यालय का उद्देश्य केवल किताबी शिक्षा देना नहीं, बल्कि बच्चों के आत्मविश्वास, रचनात्मकता, संस्कार एवं सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की तथा शिक्षकों के अथक परिश्रम, समर्पण और टीम भावना की प्रशंसा की। साथ ही अभिभावकों के विश्वास, सहयोग और निरंतर प्रोत्साहन के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी सफल आयोजन के पीछे बच्चों की मेहनत, शिक्षकों का समर्पण और अभिभावकों का सहयोग होता है। ‘सतरंगी सफर’ इसी सामूहिक प्रयास और खूबसूरत तालमेल का प्रतीक रहा। कार्यक्रम का समापन हर्षोल्लास एवं यादगार पलों के साथ हुआ। ‘सतरंगी सफर’ ने यह साबित किया कि जब बच्चों को सही मंच, परिवार का साथ और शिक्षकों का मार्गदर्शन मिलता है, तो उनकी प्रतिभा के रंग पूरी दुनिया को रोशन कर सकते हैं।