9 को महावीर निर्वाण कल्याणक व 10 नवम्बर को गौतम रासा वांचन
रायपुर। भैरव सोसायटी स्थित श्रीसीमंधर स्वामी जैन मंदिर की धार्मिक पाठशाला में श्राविकाओं ने 100 से ज्यादा बच्चों को भगवान महावीर चरित्र की प्रमुख जानकारी देते हुए उन्हें जिनपूजन एवं शान्ति कलश की विधि सिखाई। श्रीसीमंधर स्वामी जैन मंदिर व दादाबाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद व महासचिव महेंद्र कोचर ने जानकारी दी कि इस पाठशाला में यह बताया गया कि इस भौतिक युग में बहुतायत समय मोबाइल में रील देखने में व्यतीत होता है, ज्ञानवर्धक और निरर्थक रील की समझ जरूरी है। बच्चों को सही-गलत की समझाइश भी दी गई। इस दौरान सैकड़ों बच्चों ने आज से महावीर निर्वाण कल्याणक अर्थात् दीपावली तक मोबाइल में रील न देखने का संकल्प लिया।
महेन्द्र कोचर ने आगे बताया कि जीवन को धर्म के मार्ग पर मोड़ना जरूरी है, इसी उद्देश्य से गुरुदेव की प्रेरणा से सप्ताह में तीन दिन बच्चों को स्नात्र पूजा, चंदन पूजा व पूजा विधि के सूत्रों का अध्ययन कराने के साथ ही जीवन निर्माण के गुणों से उन्हें अवगत कराया जा रहा है। ट्रस्टी नीलेश गोलछा व योगेश बंगानी ने बताया कि मंगलवार की पाठशाला में 100 से ज्यादा बच्चों को भगवान महावीर स्वामी तीर्थंकर परमात्मा के जीवन चरित्र, जन्मकल्याणक से निर्वाण तक एवं स्नात्र महोत्सव और शांति कलश विधान की जानकारी देकर स्नात्र महोत्सव पूर्ण कराया गया। जिनप्रतिमा के 9 अंगों के पूजन की विधि की जानकारी देकर नवांगी पूजा कराई गई। जैन धर्म में ही भगवान की प्रतिमा की भक्तों द्वारा सीधे पूजन का विधान है। भावे भावना भावीए, भावे दीजे दान, भावे जिनवर पूजिए, भावे केवल ज्ञान… के पवित्र आत्म कल्याणकारी श्लोकों के साथ जब एक साथ सभी बच्चों ने भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा के सामने सामूहिक स्वर में पाठ किया तो मंदिर में अलौकिक दृश्य उपस्थित हो गया। ट्रस्टी टीकम जैन ने बताया कि 9 नवम्बर को भगवान महावीर स्वामी का निर्वाण कल्याणक मनाया जाएगा तथा 10 नवम्बर को प्रात: 6 बजे जसराज मदना देवी बरड़िया परिवार द्वारा श्रीजिनमंदिर का द्वार उद्घाटन होगा। इस पावन प्रसंग पर सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं को दर्शन लाभ सहित गौतम रासा के वांचन का श्रवण लाभ प्राप्त होगा।