कहा- दशहरा पर केवल पुतला जलाने से नहीं, नशे की बुराई मिटाने से होगी सच्ची विजय
रायपुर। राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज के संस्थापक व पदाधिकारियों ने मंगलवार को एक विशेष मिलन सभा आयोजित कर सभी को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं देते कहा कि कलयुग का नशा रूपी सबसे बड़ा रावण- नशा है, जो हमारे युवाओं के भविष्य, परिवारों की खुशियों और समाज की नींव को खोखला कर रहा है। हर वर्ष विजयादशमी पर हम असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का उत्सव मनाते हैं। रावण का पुतला जलाकर बुराई के अंत का संदेश देते हैं, लेकिन आज हमें यह भी समझना होगा कि कलयुग का सबसे बड़ा रावण ‘नशा’ है।
उन्होंने कहा, शराब, तंबाकू, गुटखा, गांजा, नशीली गोलियां और अन्य मादक पदार्थों के बढ़ते दुरुपयोग ने गंभीर सामाजिक चुनौती खड़ी कर दी है। नशे की लत युवाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की संभावनाओं को प्रभावित करती है। इसके कारण कई परिवार आर्थिक संकट, घरेलू कलह और मानसिक तनाव का सामना करते हैं। नशे से जुड़ी समस्याएं अपराध और सामाजिक विघटन को भी बढ़ावा दे सकती हैं।
उन्होंने कहा सबसे चिंताजनक बात यह है कि कुछ स्थानों पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी की शिकायतें सामने आती हैं। इस पर प्रशासन को प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही, परिवारों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों को भी नशामुक्ति के लिए आगे आना होगा। यदि हमें सच्चे अर्थों में दशहरा मनाना है, तो नशे रूपी रावण का अंत करना होगा। इसके लिए केवल भाषण और नारे पर्याप्त नहीं हैं। युवाओं को शिक्षा, खेल और रोजगार से जोड़ना होगा, नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगानी होगी और नशे की लत से पीड़ित लोगों को उपचार, परामर्श तथा पुनर्वास में सहयोग देना होगा। आज आवश्यकता है कि हम रावण के दस सिरों की चर्चा के साथ-साथ नशे के अनेक रूपों को पहचानें। जिस समाज का युवा स्वस्थ, शिक्षित और नशामुक्त होगा, उसी समाज का भविष्य उज्ज्वल होगा।
उन्होंने युवाओं को आव्हान करते हुए कहा आइए, इस विजयादशमी पर संकल्प लें कि हम स्वयं नशे से दूर रहेंगे, दूसरों को भी जागरूक करेंगे और अपने परिवार, समाज तथा देश को नशामुक्त बनाने में योगदान देंगे। याद रखिए, रावण का पुतला जलाना एक परंपरा है, लेकिन नशे को मिटाना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। सच्ची विजय तभी होगी, जब युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा और हर परिवार में खुशहाली लौटेगी। इस अवसर पर राष्ट्रीय गांड़ा महा समाज के संस्थापक अधिवक्ता भगवानू नायक, अन्नू कुमार राणा, शशि कुम्हार, हेमचंद नायक, संतोष क्षत्रि, मांदी कुटुंब अध्यक्ष जयलाल नायक, उपाध्यक्ष सनत क्षत्रि, प्रचार प्रसार सचिव जितेंद्र नायक, हरिचरण महानंद, बिट्टू क्षत्रि, भास्कर नायक, सुरेश नायक, साधुराम नायक सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।