रायपुर

दूधाधारी मठ में दशहरा पर अश्व, अस्त्र-शस्त्र एवं वाहन पूजन

रायपुर। विजयादशमी के पावन अवसर पर श्रीदूधाधारी मठ में दशहरा पूजन का कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। इस अवसर पर मठ में स्थापित अस्त्र-शस्त्रों, वाहनों तथा अश्व के विधिवत पूजन में मठ की प्राचीन परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत के दर्शन हुए।

राजेश्री महंत रामसुंदर महाराज इसके पूर्व जैतू साव मठ पुरानी बस्ती में भी शस्त्र पूजन, सरस्वती चौक में दुर्गा पूजन के कार्यक्रम में भी सम्मिलित हुए। उन्हों ने अपने संदेश में कहा कि विजयादशमी का पर्व धर्म की अधर्म, सत्य की असत्य तथा सदाचार की दुराचार पर विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें अपने जीवन में धर्म, सत्य, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। अस्त्र-शस्त्रों का पूजन शक्ति, सुरक्षा और धर्म की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है, अश्व पूजन भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का परिचायक है। कार्यक्रम में दाऊ महेंद्र अग्रवाल, अजय तिवारी, सुरेश शुक्ला, जगन्नाथ अग्रवाल, रमेश यदु, चंद्रकांत यदु , राजेश अग्रवाल, सी.एल. दुबे, अजय अग्रवाल, रामछबि दास, निर्मल दास वैष्णव, हर्ष दुबे सहित श्रद्धालÞ व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सभी ने दशहरा पूजन में सम्मिलित होकर धर्म, संस्कृति और परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।

About the author

मीडिया एमपीसीजी