आरंग छत्तीसगढ़

वार्ड परिसीमन के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे आरंग नगर पालिका के कांग्रेस पार्षद,सोमवार को दायर करेंगे याचिका

वार्ड परिसीमन के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे आरंग नगर पालिका के कांग्रेस पार्षद,सोमवार को दायर करेंगे याचिका

 

आगामी नगरीय निकाय चुनाव को लेकर हुए वार्ड परिसीमन से कई नगरीय निकायों में घमासान मचा हुआ है।वार्डो के बंटवारे से असंतुष्ट नगरीय निकाय के पार्षदों और जनप्रतिनिधियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।जिसके बाद राजनांदगांव नगर निगम,कुम्हारी नगर पालिका और बेमेतरा नगर पंचायत में वार्डो के परिसीमन को लेकर चुनौती दी।जिसके बाद इन स्थानों पर हुए वार्ड परिसीमन पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।अब वार्ड परिसीमन से नाराज आरंग नगर पालिका के कांग्रेस पार्षदों ने भी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।कांग्रेस पार्षदों ने वरिष्ठ अधिवक्ता व पूर्व एजी सतीशचंद्र वर्मा से मुलाकात कर आरंग नगर पालिका में हुए वार्ड परिसीमन के खिलाफ याचिकाकर्ताओं की पैरवी करने की अपील की है। 

 

दरअसल, राजनादगांव नगर निगम, कुम्हारी नगर पालिका व बेमेतरा नगर पंचायत में वार्डों के परिसीमन को लेकर चुनौती दी गई थी। तीनों याचिकाओं की प्रकृति समान थी, इसलिए कोर्ट ने तीनों याचिकाओं को एक साथ मर्ज करते हुए सुनवाई शुरू की। मामले में याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में बताया है कि राज्य सरकार ने प्रदेश भर के निकायों के वार्ड परिसीमन के लिए जो आदेश जारी किया है, उसमें वर्ष 2011 के जनगणना को आधार माना है।

 

वार्ड परिसीमन के लिए बनाए गए नियमों के अनुसार अंतिम जनगणना को आधार माना गया है। राज्य सरकार ने अपने सर्कुलर में भी परिसीमन के लिए अंतिम जनगणना को आधार माना है। मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ताओं का तर्क था कि राज्य सरकार ने इसके पहले वर्ष 2014 व 2019 में भी वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन का कार्य किया है। जब आधार एक ही है तो इस बार क्यों परिसीमन का कार्य किया जा रहा है। अधिवक्ताओं के इस तर्क पर सहमति जताते हुए कोर्ट ने पूछा, कि वर्तमान में वर्ष 2024 में फिर से परिसीमन क्यों किया जा रहा है। कोर्ट ने यह भी पूछा कि जब वर्ष 2011 की जनगणना को आधार मानकर वर्ष 2014 व 2019 में वार्डों का परिसीमन किया गया था। जनगणना का डेटा तो आया नहीं है, वर्ष 2011 के बाद जनगणना हुई नहीं है, फिर उसी जनगणना को आधार मानकर तीसरी मर्तबे परिसीमन कराने की जरुरत क्यों पड़ रही है।

 

आरंग नगर पालिका के कांग्रेस पार्षदों ने भी राजनांदगांव नगर निगम, कुम्हारी नगर पालिका और बेमेतरा नगर पंचायत की तरह हाईकोर्ट में चुनौती दी है जिसके बाद संभावना है कि आरंग में भी वार्डो के परिसीमन में रोक लग जायेगा।याचिकाकर्ता में नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रशेखर चंद्राकर,उपाध्यक्ष नरसिंग साहू, शरद गुप्ता (जीतू),दीपक चंद्राकर,दीक्षा सूरज सोनकर,समीर गोरी, धनेश्वरी खिलावन निषाद,जितेंद्र ममता शर्मा,गोरी,राम मोहन लोधी, बाई,जय डहरिया एवम जिला युवक कांग्रेस सजल चंद्राकर शामिल है।

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